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Supreme Court Updates: स्टॉक एक्सचेंज को RTI के दायरे में लाने वाले फैसले पर SC की रोक; हाईकोर्ट का फैसला थमा

Fri, 31 Jul 2026 05:27 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 31 Jul 2026 05:27 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSEI) सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत एक 'पब्लिक अथॉरिटी' है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम मामलों की सुनवाई की। जानिए सभी के अपडेट्स... 

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Several key matters were heard in Supreme Court today here updates on all of them
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSEI) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत 'पब्लिक अथॉरिटी' माना गया था। अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार करते हुए केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने NSEI की याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई और केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) सहित अन्य पक्षों से जवाब तलब किया। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए निर्धारित की है।
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NSEI ने किस फैसले को चुनौती दी है?
NSEI ने दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के 1 जुलाई के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने NSEI की उस अपील को खारिज कर दिया था, जो उसने अप्रैल 2010 में सिंगल जज द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दायर की थी। सिंगल जज ने अपने फैसले में कहा था कि NSEI, RTI अधिनियम की धारा 2(h) के तहत 'पब्लिक अथॉरिटी' की श्रेणी में आता है।
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RTI एक्ट में 'पब्लिक अथॉरिटी' का क्या महत्व है?
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिक केवल 'पब्लिक अथॉरिटी' से ही सूचना प्राप्त करने का कानूनी अधिकार रखते हैं। इसलिए किसी संस्था का इस श्रेणी में आना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

हाई कोर्ट ने NSEI को 'पब्लिक अथॉरिटी' क्यों माना था?
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा था कि यदि किसी संस्था का स्वामित्व, उस पर नियंत्रण या उसे पर्याप्त वित्तीय सहायता संबंधित सरकार से प्राप्त होती है, तो उसे 'पब्लिक अथॉरिटी' माना जाएगा।


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नियंत्रण को लेकर हाई कोर्ट की क्या टिप्पणी थी?
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा था,'सिंगल जज ने अपने निर्णय में माना है कि NSEI संबंधित सरकार के नियंत्रण में है और हम इस निष्कर्ष से सहमत हैं।' वहीं, स्टॉक एक्सचेंज ने सिंगल जज के समक्ष केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि वह RTI अधिनियम के तहत 'पब्लिक अथॉरिटी' नहीं है।

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