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अगस्त में मॉनसून रहेगा कमजोर?: IMD ने जारी किया पूर्वानुमान, देशभर में कम होगी बारिश; अल नीनो का भी रहेगा असर
Fri, 31 Jul 2026 05:52 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:52 PM IST
सार
आईएमडी के अनुसार अगस्त 2026 में देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मध्यम स्तर का अल नीनो मॉनसून को कमजोर कर सकता है। अब अगस्त और सितंबर तय करेंगे कि मॉनसून बारिश की कमी की भरपाई कर पाएगा या नहीं।
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कम होगी बारिश
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में मध्यम स्तर का 'अल नीनो' बने रहने के कारण दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर पड़ सकता है।
आईएमडी ने क्या कहा?
शुक्रवार को अपना ताजा मासिक और मौसमी पूर्वानुमान जारी की। इस दौरान आईएमडी ने कहा कि अगस्त 2026 में भारत में औसत बारिश के 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (LPA) के 94% से कम रहने की संभावना है। 1971-2020 के मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर, अगस्त के लिए सामान्य बारिश 254.9 मिमी है।
यह अनुमान जुलाई में भारत में लगभग सामान्य बारिश होने के बाद आया है। ऐसा मुख्य रूप से कई लो-प्रेशर सिस्टम और मॉनसून डिप्रेशन के कारण हुआ, जिन्होंने अल-नीनो के असर को बेअसर कर दिया।
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कहां ज्यादा बारिश होने की संभावना?
आईएमडी के अनुसार अगस्त के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
बारिश का अनुमान किस से है?
बारिश का अनुमान समुद्र की बदलती स्थितियों से गहराई से जुड़ा है। आईएमडी ने कहा कि अभी चल रहा 'अल नीनो' अगस्त तक मध्यम तीव्रता का बना रहेगा और सितंबर में और तेज हो जाएगा। ज्यादातर ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल बताते हैं कि प्रशांत महासागर की यह गर्म स्थिति 2027 की शुरुआत तक बनी रहेगी।
सकारात्मक संकेत क्या मिला है?
हालांकि, हिंद महासागर से भी एक सकारात्मक संकेत मिल रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय जलवायु मॉडल बताते हैं कि सितंबर तक 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल' (IOD) बन सकता है। यह एक ऐसी घटना है जो आमतौर पर भारत में मॉनसून की बारिश को बढ़ाती है और अल-नीनो के बुरे असर को कुछ हद तक कम कर सकती है।
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आईएमडी ने क्या कहा?
शुक्रवार को अपना ताजा मासिक और मौसमी पूर्वानुमान जारी की। इस दौरान आईएमडी ने कहा कि अगस्त 2026 में भारत में औसत बारिश के 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (LPA) के 94% से कम रहने की संभावना है। 1971-2020 के मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर, अगस्त के लिए सामान्य बारिश 254.9 मिमी है।
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यह अनुमान जुलाई में भारत में लगभग सामान्य बारिश होने के बाद आया है। ऐसा मुख्य रूप से कई लो-प्रेशर सिस्टम और मॉनसून डिप्रेशन के कारण हुआ, जिन्होंने अल-नीनो के असर को बेअसर कर दिया।
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कहां ज्यादा बारिश होने की संभावना?
आईएमडी के अनुसार अगस्त के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
बारिश का अनुमान किस से है?
बारिश का अनुमान समुद्र की बदलती स्थितियों से गहराई से जुड़ा है। आईएमडी ने कहा कि अभी चल रहा 'अल नीनो' अगस्त तक मध्यम तीव्रता का बना रहेगा और सितंबर में और तेज हो जाएगा। ज्यादातर ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल बताते हैं कि प्रशांत महासागर की यह गर्म स्थिति 2027 की शुरुआत तक बनी रहेगी।
सकारात्मक संकेत क्या मिला है?
हालांकि, हिंद महासागर से भी एक सकारात्मक संकेत मिल रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय जलवायु मॉडल बताते हैं कि सितंबर तक 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल' (IOD) बन सकता है। यह एक ऐसी घटना है जो आमतौर पर भारत में मॉनसून की बारिश को बढ़ाती है और अल-नीनो के बुरे असर को कुछ हद तक कम कर सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब अगस्त और सितंबर के महीने यह तय करने में अहम होंगे कि क्या भारत मौसम की बाकी बची बारिश की कमी को पूरा कर पाएगा या नहीं।