Bonus Market Updates: घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर क्लोजिंग; सेंसेक्स 505 अंक चढ़ा, निफ्टी 24350 के पार
घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन धीमी शुरुआत हुई पर आखिरकार बाजार के बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 504.86 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। आइए जानते हैं बाजार का हाल विस्तार से।
विस्तार
भू-राजनीतिक तनाव में कमी और नए विदेशी निवेश की उम्मीद बढ़ने से शुक्रवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक समाधान की नई उम्मीदों के साथ-साथ इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम ने वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति में काफी सुधार किया है।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 504.86 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 382.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर शुद्ध खरीदारी की।
सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा और टाइटन प्रमुख विजेताओं में शामिल थीं। इसके विपरीत, सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और एचसीएल टेक पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.07 प्रतिशत गिरकर 96.34 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।
जानकारों के अनुसार, आज की मजबूती का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव का कम होना था। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक समाधान की नई उम्मीदों के साथ-साथ इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम ने वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति में काफी सुधार किया है।" हरिप्रसाद के, अनुसंधान विश्लेषक और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक ने कहा, "इससे कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिसने पहले मुद्रास्फीति की उम्मीदों, मुद्रा स्थिरता और समग्र बाजार भावना पर दबाव डाला था।"
एशियाई बाजारों का क्या हाल?
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में कारोबार में तेजी देखी गई। गुरुवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 382.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "पश्चिम में सुलह की बेहतर संभावनाओं और विदेशी निवेश निवेशकों (एफआईआई) के शुद्ध खरीदारी में बदलाव के चलते घरेलू बाजार में तेजी देखी गई और बाजार आज उच्च स्तर पर बंद हुआ। इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम से कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रही, जिससे आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव कम हुआ।" गुरुवार को सेंसेक्स 122.56 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ। निफ्टी 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,196.75 पर समाप्त हुआ।
डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल कैसी रही?
डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 29 पैसे मजबूत होकर 92.85 (अस्थायी) पर बंद हुआ। अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ भू-राजनीतिक तनाव कम होने की बढ़ती उम्मीदों के कारण रुपये में मजबूती आई।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में नए सिरे से खरीदारी और विदेशी निधियों के नए प्रवाह ने भी स्थानीय मुद्रा को समर्थन दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.93 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.65 के अंतरा-दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। सत्र के अंत में रुपया 92.98 के न्यूनतम स्तर पर भी पहुंचा और डॉलर के मुकाबले 92.85 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 29 पैसे अधिक है। गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 93.14 पर बंद हुआ था।
रुपये और डॉलर की चाल पर विशेषज्ञों का क्या कहना?
मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक जोखिम संबंधी बेहतर भावनाओं के कारण रुपये में मजबूती आई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित निवेश की मांग में गिरावट के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी आई और अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में रात भर में नरमी आई।
चौधरी ने कहा, "अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर के साथ-साथ इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों के चलते रुपये में सकारात्मक रुझान रहने की संभावना है।" उन्होंने आगे कहा, "यूएसडी-आईएनआर स्पॉट प्राइस 92.50 रुपये से 93.20 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।" डॉलर सूचकांक, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापता है, 0.12 प्रतिशत गिरकर 97.90 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 3.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.18 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

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