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India-US: शिवराज सिंह चौहान बोले- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 08 Feb 2026 10:13 PM IST
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शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौता को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। व्यापार समझौता केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक भी है। यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ उसे नई दिशा प्रदान करेगी।
किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया-शिवराज सिंह
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह समझौता पूरी दुनिया के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है। यह समझौता दुनिया को संदेश देती है कि भारत की नीति प्रतिबद्धता की है, धोखे की नहीं। हम आत्मविश्वास के साथ देश के हित में निर्णय लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित और सकारात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सौदेबाजी की राजनीति नहीं करते, बल्कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक उत्तम उदाहरण है। कूटनीति का अर्थ है राष्ट्र प्रथम और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखे गए हैं। विकास यानी विकसित भारत की दिशा में बढ़ते कदम यह डील उसके लिए भी एक मजबूत आधार प्रदान करती है। गरिमा का मतलब है किसान की गरिमा, और मुझे गर्व है कि इस समझौते में किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसानों को लेकर देश के मन में जो भी चिंताएं थीं, उनका इस व्यापार समझौता में समाधान किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह डील केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नए अवसरों का द्वार भी खोलती है। यह व्यापार समझौता हमारे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर प्रदान करेगी और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव है।
मंत्री चौहान ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
इन उत्पादों में भारत को फायदा
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। कई कृषि उत्पादों पर जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे अमेरिका ने घटाकर शून्य कर दिया है। इसमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब इस व्यापार समझौता के बाद हमारे मसालों को अमेरिका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया भर के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय कृषि बाजार में आते हैं, तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट और पूरा संरक्षण प्राप्त है। यही इस व्यापार समझौता की सबसे बड़ी ताकत है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता में कृषि और कृषि उत्पादों के मामले में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है और ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है।
(इनपुट: आईएएनएस)
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किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया-शिवराज सिंह
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह समझौता पूरी दुनिया के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है। यह समझौता दुनिया को संदेश देती है कि भारत की नीति प्रतिबद्धता की है, धोखे की नहीं। हम आत्मविश्वास के साथ देश के हित में निर्णय लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित और सकारात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सौदेबाजी की राजनीति नहीं करते, बल्कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।
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केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक उत्तम उदाहरण है। कूटनीति का अर्थ है राष्ट्र प्रथम और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखे गए हैं। विकास यानी विकसित भारत की दिशा में बढ़ते कदम यह डील उसके लिए भी एक मजबूत आधार प्रदान करती है। गरिमा का मतलब है किसान की गरिमा, और मुझे गर्व है कि इस समझौते में किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसानों को लेकर देश के मन में जो भी चिंताएं थीं, उनका इस व्यापार समझौता में समाधान किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह डील केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नए अवसरों का द्वार भी खोलती है। यह व्यापार समझौता हमारे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर प्रदान करेगी और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव है।
मंत्री चौहान ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
इन उत्पादों में भारत को फायदा
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। कई कृषि उत्पादों पर जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे अमेरिका ने घटाकर शून्य कर दिया है। इसमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब इस व्यापार समझौता के बाद हमारे मसालों को अमेरिका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया भर के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय कृषि बाजार में आते हैं, तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट और पूरा संरक्षण प्राप्त है। यही इस व्यापार समझौता की सबसे बड़ी ताकत है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता में कृषि और कृषि उत्पादों के मामले में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है और ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है।
(इनपुट: आईएएनएस)