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Pune: भगवान बनने का नाटक और महिला के साथ वर्षों तक हैवानियत; भक्ति के नाम पर आश्रम में चल रहा था गंदा खेल
पीटीआई, पुणे
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 18 Jun 2026 04:09 PM IST
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सार
पुणे पुलिस ने खुद को भगवान बताने वाले राधामोहन मिश्रा और उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने दैवीय शक्तियों का दावा कर एक महिला का 15 वर्षों से अधिक समय तक यौन, मानसिक और आर्थिक शोषण किया।
प्रतिकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने खुद को भगवान बताने वाले एक व्यक्ति और उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया है। उन सभी पर आरोप है कि उन्होंने दैवीय शक्तियां होने का दावा करके कई वर्षों तक एक महिला का यौन शोषण किया, उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और आर्थिक रूप से उसका शोषण किया। इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में छह महिलाएं हैं।
टॉर्चर की हदें पार, बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला को लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया। इस दौरान उसे बिजली के झटके दिए गए और उस व्यक्ति का पेशाब पीने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 16 जून को शिकायत मिलने के बाद यह अपराध सामने आया। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और खुद को भगवान बताने वाले राधामोहन मिश्रा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ बार-बार यौन शोषण, छेड़छाड़ और अमानवीय व्यवहार किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी और अघोरी प्रथाओं तथा काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम' के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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आश्रम पर छापा, लैपटॉप से लेकर पेन ड्राइव तक जब्त
महिला की तरफ से शिकायत मिलने के बाद पुणे के खराडी इलाके में स्थित मिश्रा के आश्रम में तलाशी ली गई। इस दौरान पुलिस ने आठ लैपटॉप, 19 हार्ड डिस्क, 10 डीवीडी, नौ मोबाइल फोन, 20 कैसेट और 23 पेन ड्राइव जब्त किए। अधिकारी ने बताया कि लगभग 6.5 लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के गहने भी बरामद किए गए। इसके साथ ही आश्रम में भारी मात्रा में दवाइयां मिलीं, जिनमें से कुछ की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी। इन दवाइयों के उपयोग और उद्देश्यों की भी जांच की जा रही है।
दो दशक से परिवार को बना रखा था प्रभाव में
अधिकारी ने बताया कि मिश्रा कथित तौर पर कई वर्षों से लोगों को धोखा दे रहा था। शिकायतकर्ता का परिवार दो दशकों से अधिक समय से उससे जुड़ा हुआ था। आरोपियों ने 'मॉडर्न गुरुकुल' के नाम पर पीड़िता के परिवार के बच्चों को उसके आश्रम में रहने देने के लिए राजी किया। बच्चे दिन में स्कूल और कॉलेज जाते थे, लेकिन आश्रम में रहते थे, जहां कथित तौर पर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता था।
अलौकिक शक्तियों का दावा कर बनाया अंधभक्ति का जाल
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ऐसी छवि बनाई थी कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं और वह लोगों के मन की बात पढ़ सकता है तथा भविष्य देख सकता है। आरोप है कि उसने अपने अनुयायियों से उनके विचारों और निजी जिंदगी के बारे में विस्तृत 'रिपोर्ट' लिखवाईं, जिनका बाद में इस्तेमाल शिकायतकर्ता और उसके परिवार को प्रभावित तथा नियंत्रित करने के लिए किया गया।
परिवार से अलग कर बनाया शोषण का शिकार
जांच अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता को धीरे-धीरे उसके परिवार से अलग कर दिया गया और आरोपी के प्रभाव में लाया गया। हालात का फायदा उठाते हुए उसने कथित तौर पर महिला से दुष्कर्म किया और उसे बार-बार मारपीट व अन्य प्रकार के शोषण का शिकार बनाया।
एफआईआर में दर्ज हैं रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़िता को लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया, जिसमें उसे इलेक्ट्रिक शॉक देना और आरोपी का पेशाब पीने के लिए मजबूर करना शामिल था। पुलिस को शक है कि आरोपी ने और भी लोगों को अपना शिकार बनाया होगा। उनकी पहचान करने और उन्हें खोजने की कोशिशें जारी हैं। इसके साथ ही आश्रम के उस हिस्से की तलाशी ली गई है जो आरोपी से जुड़ा था और उसे अधिकांशतः सील कर दिया गया है।
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15 साल तक चलता रहा शोषण का सिलसिला
आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की संपत्ति अपने नाम करवाने की भी कोशिश की। पुलिस ने कहा कि कुछ संपत्तियां संभवतः पहले ही ट्रांसफर हो चुकी हैं और धोखाधड़ी से जुड़े मामले भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि यह शोषण 15 वर्षों से अधिक समय तक चलता रहा, जबकि शिकायतकर्ता महिला का आरोपी से जुड़ाव 20 वर्षों से भी अधिक पुराना है।