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अमर उजाला पोल: जेएनयू में होने वाले विवादों के लिए छात्र संगठन जिम्मेदार

Fri, 21 Oct 2016 05:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 21 Oct 2016 05:26 PM IST
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Student association is responsible for JNU's bad fame Incidents
- फोटो : demo

जेएनयू में बार-बार होने वाली विवादास्पद घटनाओं के लिए छात्र संगठन ज्यादा जिम्मेदार है। यह हम नहीं, वे तमाम लोग कह रहे हैं, जिन्होंने अमर उजाला पोल में हिस्सा लिया। हालांकि राजनीतिक दलों और जेएनयू प्रशासन को भी विवादों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

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पिछले दिनों जेएनयू वाइस चान्सलर 24 घंटे बाद अपने दफ्तर से बाहर निकले तो देश भर ध्यान इस बात पर गया। उन्हें विश्वविद्यालय छात्र संगठन और टीचर्स एसोसिएशन ने प्रशासनिक भवन को चारों तरफ से घेरकर बंधक बनाया लिया था। छात्रों और टीचर्स एसोसिएशन ने छात्र नजीब के गायब होने के बाद से इस करतूत को अंजाम दिया था।
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इस पर विश्वविद्यालय के बाहर खूब सियासत हुई। मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने हर हाल में छात्र को ढूंढ़ने की बात कही। वहीं,  केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ‌क‌िरन रिजिजू ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण कहते हुए कहा था, 'ऐसा लगता है क‌ुछ छात्र पढ़ाई नहीं राजनीत‌ि करने आते हैं।'
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देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों में जेएनयू ने अपनी कार्यकुशलता नहीं, बल्कि विवादों के लिए सुर्खियां ज्यादा बटोरी हैं। हाल ही में पीएम मोदी का पुतला दहन हो या कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का मामला, विवादों के चलते जेएनयू मीडिया में छाया रहा। देश के सबसे उम्दा विश्वविद्यालयों में से एक माने जाने वाले जेएनयू की इस विवादित छवि के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है, यह सवाल होना लाजमी है। 


अमर उजाला ने अपने पाठकों से इस बारे में सवाल किया। पाठकों ने बढ़-चढ़कर प्रतिक्रियाएं दीं। सबसे ज्यादा 39.51 फीसदी पाठकों ने जेएनयू की विवादित छवि के लिए सबसे छात्र संगठन को जिम्मेदार ठहराया। वहीं 37.76 फीसदी पाठकों ने कहा कि राजनीतिक दल ही जेएनयू के विवादों के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं, 22.73 फीसदी मत इस बात पर पड़े कि जेएनयू प्रशासन की वजह से वहां विवाद हो रहे हैं। पोल में कुल 4325 पाठकों ने हिस्सा लिया।

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