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सुप्रीम कोर्ट की नकली वेबसाइट से सावधान!: एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता, क्या है पूरा मामला?
Tue, 03 Nov 2026 03:43 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 03 Nov 2026 03:43 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने scigovinjudicial.com नाम की फर्जी वेबसाइट को लेकर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। यह वेबसाइट सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक साइट की नकल कर लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकती है। रजिस्ट्री ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट की असली वेबसाइट sci.gov.in है। अगर कोई इस फर्जीवाड़े का शिकार होता है, तो उसे तुरंत अपने ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदलने और बैंक को सूचना देने की सलाह दी गई है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश सामने आई है। शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने मंगलवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों को एक फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की सलाह दी है। आशंका है कि इस वेबसाइट के जरिए लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश की जा सकती है। रजिस्ट्री ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
कौन सी फर्जी वेबसाइट सुप्रीम कोर्ट के नाम पर चल रही है?
रजिस्ट्री के मुताबिक, scigovinjudicial.com नाम का एक फर्जी डोमेन सामने आया है। यह सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट होने का दिखावा कर रहा है। साइबर अपराधी इस वेबसाइट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। इसके माध्यम से उनसे निजी जानकारी और गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े विवरण हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
रजिस्ट्री ने आशंका जताई है कि इस फर्जी लिंक के जरिए लोगों से संवेदनशील जानकारी और गोपनीय पहचान संबंधी विवरण मांगे जा सकते हैं। ऐसी जानकारी अपराधियों के हाथ लगने पर उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह की व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से सख्ती से बचने की सलाह दी गई है।
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इस मामले में लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कब जारी की थी ऐसी चेतावनी?
रजिस्ट्री ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के नाम पर फर्जीवाड़े की कोशिश सामने आई है। इससे पहले भी ऐसी धोखाधड़ी को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। रजिस्ट्री के अनुसार, 16 जुलाई 2025, 28 अप्रैल 2026 और 13 अगस्त 2026 को भी इस संबंध में लोगों को आगाह किया गया था। उन मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों से निजी और गोपनीय जानकारी मांगी जा रही थी।
अगर कोई इस फर्जी वेबसाइट के जाल में फंस जाए तो क्या करे?
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कौन सी फर्जी वेबसाइट सुप्रीम कोर्ट के नाम पर चल रही है?
रजिस्ट्री के मुताबिक, scigovinjudicial.com नाम का एक फर्जी डोमेन सामने आया है। यह सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट होने का दिखावा कर रहा है। साइबर अपराधी इस वेबसाइट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। इसके माध्यम से उनसे निजी जानकारी और गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े विवरण हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
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रजिस्ट्री ने आशंका जताई है कि इस फर्जी लिंक के जरिए लोगों से संवेदनशील जानकारी और गोपनीय पहचान संबंधी विवरण मांगे जा सकते हैं। ऐसी जानकारी अपराधियों के हाथ लगने पर उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए लोगों को किसी भी तरह की व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से सख्ती से बचने की सलाह दी गई है।
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इस मामले में लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी या वित्तीय जानकारी देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।
- अनजान लिंक पर क्लिक करने या उसमें मांगी गई गोपनीय जानकारी भरने से बचें।
- किसी वेबसाइट का पता जांचने के लिए माउस को उसके लिंक पर ले जाकर वास्तविक यूआरएल देख सकते हैं।
- सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट का पता sci.gov.in है। इसी डोमेन की पहचान जरूर करें।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कब जारी की थी ऐसी चेतावनी?
रजिस्ट्री ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के नाम पर फर्जीवाड़े की कोशिश सामने आई है। इससे पहले भी ऐसी धोखाधड़ी को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। रजिस्ट्री के अनुसार, 16 जुलाई 2025, 28 अप्रैल 2026 और 13 अगस्त 2026 को भी इस संबंध में लोगों को आगाह किया गया था। उन मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों से निजी और गोपनीय जानकारी मांगी जा रही थी।
अगर कोई इस फर्जी वेबसाइट के जाल में फंस जाए तो क्या करे?
- रजिस्ट्री ने ऐसे लोगों के लिए भी जरूरी सलाह दी है, जिन्हें लगता है कि उनकी जानकारी इस फर्जी वेबसाइट के जरिए हासिल कर ली गई है।
- सबसे पहले अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड तुरंत बदल दें, ताकि उनके गलत इस्तेमाल की आशंका कम की जा सके।
- अगर बैंक खाते या वित्तीय जानकारी तक अनधिकृत पहुंच का संदेह है, तो तत्काल संबंधित बैंक को इसकी सूचना दें।
- बैंक को खाते में हुई किसी भी अनधिकृत गतिविधि की जानकारी देकर शिकायत दर्ज कराएं।