सुप्रीम कोर्ट: बंगाल में 2018 के स्थानीय निकाय में तीन भाजपा कार्यकार्ताओं की हत्या, जुलाई में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 2018 स्थानीय निकाय चुनावों के बाद कथित रूप से मारे गए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में जुलाई में सुनवाई तय की। याचिका में सीबीआई जांच की मांग और राजनीतिक हिंसा के आरोप लगाए गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल में 2018 के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद कथित तौर पर मारे गए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं से संबंधित याचिका पर जुलाई में सुनवाई का फैसला किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया से मामले की स्थिति पूछी। भाटिया ने राज्य में बदली हुई परिस्थितियों का उल्लेख किया।
पीठ ने भाटिया की बात पर पर्याप्त बदलाव की टिप्पणी की। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटें जीतीं, जिससे तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन समाप्त हुआ। सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भाटिया ने आगे के निर्देशों के लिए याचिका को जुलाई में सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। पीठ ने याचिका को जुलाई में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए सक्रिय कदम उठाने की बात कही।
राज्य में 19 राजनीतिक हत्याएं हुई थीं
पिछली सुनवाई में, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कोलकाता उच्च न्यायालय का रुख न करने का कारण पूछा था। भाटिया ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में हुई तीन जघन्य हत्याओं को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में 19 राजनीतिक हत्याएं हुई थीं। मृतक के भाई को धमकियां मिल रही थीं। इन 19 मामलों में पांच क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई थीं। मृतक के भाई ने भी शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर किया है।
सीबीआई जांच की मांग
अगस्त 2018 में, शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित हत्या की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर विचार किया। मारे गए कार्यकर्ताओं में शक्तिपद सरकार, त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार थे। उनके परिवारों को धमकी का आरोप था। भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष शक्तिपद सरकार की जुलाई 2018 में दक्षिण 24 परगना में घर लौटते समय हत्या हुई।
भाजपा कार्यकर्ता दुलाल कुमार का शव जून 2018 में पुरुलिया जिले के बलरामपुर में बिजली के खंभे से लटका मिला। मई 2018 में, उसी जिले के बलरामपुर में एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो का शव पेड़ से लटका मिला। इन घटनाओं ने राज्य में राजनीतिक हिंसा पर चिंताएं बढ़ाईं। याचिका में इन मौतों को राजनीतिक प्रकृति का बताया गया।