"कभी स्क्रीन पर अपनी मुस्कान से दुनिया को शांति का संदेश देने वाले 'कृष्ण' ने राजनीति के कुरुक्षेत्र को लेकर अपनी बेबाक राय अमर उजाला पर रखी। एक पशु चिकित्सक से अभिनय के शिखर तक पहुँचने वाले नितीश भारद्वाज का जीवन किसी फिल्म से कम नहीं रहा। जहाँ एक तरफ उन्होंने 'महाभारत' के जरिए हर घर में जगह बनाई, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा पहुँचकर राजनीति की बारीकियों को भी समझा।लेकिन अब, नितीश का एक नया अवतार सामने आया है—एक ऐसा विचारक जो बंगाल की राजनीतिक हिंसा और ममता दीदी की कार्यशैली पर सवाल उठाने से नहीं कतराता। बंगाल चुनाव पर उनके तीखे प्रहारों को सुन आप चौंक जाएंगे। सिर्फ अमर उजाला पर उन्होनें बाताया कि कभी TMC ज्वाइन करने का ऑफर उन्हें ममता बनर्जी ने दिया था। और भी कई खुलासे, सखी पांचाली यानि रूपा गांगुली को लेकर भी कमाल की बात बताई। क्या है उनकी इस मुखरता के पीछे की कहानी? थियटर, फिल्म, निर्देशन और समाजिक कार्यों से लेकर व्यक्तिगत संघर्षों और राजनीतिक बयानबाजी तक ऐसी बातचीत आपने नहीं देखी होगी।
उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें “महाभारत” में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने का अवसर मिला। यह धारावाहिक 1980 के दशक के अंत में प्रसारित हुआ और भारतीय टेलीविजन इतिहास का सबसे लोकप्रिय पौराणिक शो बन गया। नितीश भारद्वाज ने कृष्ण के चरित्र को जिस सहजता और गहराई से निभाया, उसने दर्शकों को भावुक कर दिया। आज भी उनके बोले गए संवाद, विशेषकर गीता उपदेश वाले दृश्य, लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
सन् 1996 में नितीश भारद्वाज ने लोकसभा चुनाव लड़ा और झारखंड के जमशेदपुर(तत्कालीन बिहार) से सांसद चुने गए। उस समय वे देश के चर्चित टीवी चेहरों में से एक थे और उनकी लोकप्रियता का राजनीतिक लाभ भी उन्हें मिला। संसद में उन्होंने सांस्कृतिक विषयों, शिक्षा और समाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।