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Updates:सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार की महंगाई भत्ता विवाद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टली, अगली सुनवाई 6 मई को

न्यूज डेस्क/ आईएएनएस, नई दिल्ली। Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 15 Apr 2026 03:27 PM IST
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Supreme Court Postpones Hearing on West Bengal Government's Petition on DA time
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन के लिए दायर याचिक पर बुधवार को सुनवाई टल गई। सरकार ने कर्मचारियों के डीए पेमेंट की समय सीमा बढाने की मांग की है लेकिन इस मामले में बुधवार को सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी। 

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यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के भुगतान से जुड़ा हुआ है। ममता बनर्जी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि उन्होंने कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए कई कदम पहले ही उठा लिए हैं।
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सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दलील रखते हुए कहा कि कमेटी की सिफारिशों को मान लिया गया है और करीब 6000 करोड़ रुपये का भुगतान कर्मचारियों को किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कमेटी ने बाकी बचे मामलों की जानकारी इकट्ठा करने और आगे भुगतान करने की प्रक्रिया जारी रखने को कहा है, जिस पर सरकार काम कर रही है।

इस बीच कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत में अवमानना याचिका दाखिल कर दी है, जिसमें कहा गया है कि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी 2026 को एक अहम आदेश देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को 2008 से 2019 के बीच के महंगाई भत्ते के बकाये का 25 प्रतिशत हिस्सा 31 मार्च तक देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने बाकी 75 प्रतिशत भुगतान के लिए एक विशेष कमेटी भी बनाई थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व जज जस्टिस इंदू मल्होत्रा कर रही हैं।

इस कमेटी में तीन पूर्व जज शामिल हैं, जिन्हें यह तय करना है कि बाकी राशि का भुगतान कैसे और कब किया जाएगा। कोर्ट ने साफ कहा था कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस फैसले से राज्य के करीब 20 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
 

 




 

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