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Delimitation Bill Row: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र को घेरा, कहा- दक्षिण भारत की आवाज दबाने की है साजिश

पीटीआई, कोयंबटूर Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 15 Apr 2026 05:02 PM IST
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सार

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र की परिसीमन योजना का विरोध करते हुए कहा है कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों का लोकसभा में प्रभाव कम हो जाएगा। उन्होंने चुनाव के दौरान संसद सत्र बुलाने को एक साजिश बताया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता ने जनता से इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कहा है। 
 

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पी चिदंबरम, कांग्रेस नेता - फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अगर यह लागू होती है, तो लोकसभा में दक्षिण भारतीय राज्यों की राजनीतिक ताकत काफी कम हो जाएगी और उनकी आवाज को दबा दिया जाएगा।
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'दक्षिण के राज्यों को सजा क्यों?'
चिदंबरम ने कहा कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतरीन काम किया है, लेकिन अब इसी सफलता को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर भारत की सीटों में भारी बढ़ोतरी होगी, जबकि दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व उस अनुपात में नहीं बढ़ेगा। चिदंबरम के मुताबिक, तमिलनाडु की सीटें भले ही 39 से बढ़कर 58 हो जाएं, लेकिन कुल सीटों के अनुपात में दक्षिण भारत का हिस्सा पहले से कम हो जाएगा, जिससे दिल्ली की राजनीति में उनकी पकड़ कमजोर होगी।
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संसद सत्र की टाइमिंग पर भी उठाए सवाल
चिदंबरम ने विशेष संसद सत्र को एक सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि इस समय तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार जोरों पर है। ऐसे में इन राज्यों के सांसद संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया, 'आखिर ऐसी क्या इमरजेंसी है कि चुनाव के बीच ही सत्र बुलाया गया? क्या चुनाव खत्म होने तक का इंतजार नहीं किया जा सकता था?' 

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विपक्ष से एकजुट होने की अपील
चिदंबरम ने एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी पर भी निशाना साधा। उन्होंने हैरानी जताई कि पलानीस्वामी ने अमित शाह के उस आश्वासन पर भरोसा कर लिया कि परिसीमन से तमिलनाडु पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने सभी राजनीतिक दलों और जनता से इस बिल का पुरजोर विरोध करने की अपील की।

गौरतलब है कि इसी विशेष सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। चिदंबरम ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि संसद में महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों जैसे जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं होती, तो फिर ऐसे सत्रों का क्या औचित्य? उन्होंने मांग की कि परिसीमन प्रक्रिया को तब तक रोका जाए जब तक सभी राज्यों की चिंताओं का समाधान न हो जाए।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र की परिसीमन योजना का विरोध करते हुए कहा है कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों का लोकसभा में प्रभाव कम हो जाएगा। उन्होंने चुनाव के दौरान संसद सत्र बुलाने को एक साजिश बताया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता ने जनता से इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कहा है। 

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