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इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद: समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से राहत, दिव्यांगों पर टिप्पणी मामले में सभी FIR रद्द
Fri, 14 Aug 2026 04:07 PM IST
Devesh Tripathi
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 14 Aug 2026 04:07 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' से जुड़े मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को खत्म कर दिया। अदालत ने यह फैसला दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों और उनके लिए धन जुटाने की दिशा में किए गए प्रयासों को ध्यान में रखते हुए लिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस प्रकरण को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है।
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समय रैना समेत पांच के खिलाफ सभी एफआईआर रद्द
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी रद्द कर दीं। ये मामले उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के एक एपिसोड में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े थे।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समय रैना और अन्य ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए धन जुटाने के शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन किया है।
किन-किन लोगों पर दर्ज थी एफआईआर?
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी भी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दीं। पिछली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने समय रैना और चार अन्य पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने कहा था कि सुधार के लिए दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं करके उन्होंने अदालत को गुमराह किया था।
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क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज की ऊंची लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी की और एक दिव्यांग व्यक्ति का मजाक उड़ाया। याचिका में 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और अन्य इन्फ्लुएंसर्स की टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया था। इनमें विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने कहा कि समय रैना और अन्य ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए धन जुटाने के लिए "ईमानदार प्रयास" किए हैं। अदालत ने कहा, "जब ईमानदार प्रयास किए जाते हैं तो सकारात्मक परिणाम मिलना तय है। वे बहुत प्रतिभाशाली युवा हैं। अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू किया है तो सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।"
हालांकि, पीठ ने कहा कि वह इस मामले में आगे सुनवाई करेगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों से ऐसे कंटेंट पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करने के तरीकों को लेकर सुझाव लेना और इस संबंध में जरूरी निर्देश तय करना है।
एफआईआर रद्द कीं, फिर किस मुद्दे पर सुनवाई कर रहा सुप्रीम कोर्ट?
पीठ ने कहा, "प्रतिवादी 6-10 (आरोपी कॉमेडियन) से जुड़ा मामला बंद किया जाता है। प्रतिवादी 6-10 के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है। इससे जुड़ी अन्य सभी कार्यवाहियां भी रद्द की जाती हैं। बड़े मुद्दे पर निर्देश जारी करने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया जाए।"
'इंडियाज गॉट लेटेंट' का संबंधित एपिसोड 14 नवंबर 2024 को मुंबई के खार हैबिटेट में शूट किया गया था। इसे बाद में प्रसारित किया गया था। शो में शामिल कई इन्फ्लुएंसर्स और कॉमेडियन्स पर दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप में कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
रणवीर इलाहाबादिया की याचिका लंबित
आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर मामला दर्ज किए गए लोगों में यूट्यूबर और उद्यमी रणवीर इलाहाबादिया भी शामिल थे। उन्हें "बीयर बाइसेप्स" के नाम से भी जाना जाता है। रणवीर इलाहाबादिया ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका अभी शीर्ष अदालत में लंबित है। अदालत ने इससे पहले उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया था।
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भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समय रैना और अन्य ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए धन जुटाने के शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन किया है।
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किन-किन लोगों पर दर्ज थी एफआईआर?
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी भी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दीं। पिछली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने समय रैना और चार अन्य पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने कहा था कि सुधार के लिए दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं करके उन्होंने अदालत को गुमराह किया था।
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क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज की ऊंची लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी की और एक दिव्यांग व्यक्ति का मजाक उड़ाया। याचिका में 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और अन्य इन्फ्लुएंसर्स की टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया था। इनमें विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने कहा कि समय रैना और अन्य ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए धन जुटाने के लिए "ईमानदार प्रयास" किए हैं। अदालत ने कहा, "जब ईमानदार प्रयास किए जाते हैं तो सकारात्मक परिणाम मिलना तय है। वे बहुत प्रतिभाशाली युवा हैं। अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू किया है तो सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।"
हालांकि, पीठ ने कहा कि वह इस मामले में आगे सुनवाई करेगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों से ऐसे कंटेंट पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करने के तरीकों को लेकर सुझाव लेना और इस संबंध में जरूरी निर्देश तय करना है।
एफआईआर रद्द कीं, फिर किस मुद्दे पर सुनवाई कर रहा सुप्रीम कोर्ट?
पीठ ने कहा, "प्रतिवादी 6-10 (आरोपी कॉमेडियन) से जुड़ा मामला बंद किया जाता है। प्रतिवादी 6-10 के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है। इससे जुड़ी अन्य सभी कार्यवाहियां भी रद्द की जाती हैं। बड़े मुद्दे पर निर्देश जारी करने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया जाए।"
'इंडियाज गॉट लेटेंट' का संबंधित एपिसोड 14 नवंबर 2024 को मुंबई के खार हैबिटेट में शूट किया गया था। इसे बाद में प्रसारित किया गया था। शो में शामिल कई इन्फ्लुएंसर्स और कॉमेडियन्स पर दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप में कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
रणवीर इलाहाबादिया की याचिका लंबित
आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर मामला दर्ज किए गए लोगों में यूट्यूबर और उद्यमी रणवीर इलाहाबादिया भी शामिल थे। उन्हें "बीयर बाइसेप्स" के नाम से भी जाना जाता है। रणवीर इलाहाबादिया ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका अभी शीर्ष अदालत में लंबित है। अदालत ने इससे पहले उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया था।