फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   rg kar doctor hasty cremation nirmal ghosh mob attack

आरजी कर केस: गिरफ्तार पूर्व टीएमसी विधायक को थाने के बाहर भीड़ ने लात-घूंसों से पीटा, अंडे-कीचड़ भी फेंके

Fri, 14 Aug 2026 03:58 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 14 Aug 2026 03:58 PM IST
सार

आरजी कर डॉक्टर की कथित जल्दबाजी में अंत्येष्टि का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष और संजीब मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को दोनों को भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। अब पुलिस की नई जांच से यह पता चलेगा कि अंत्येष्टि में जल्दबाजी क्यों की गई और आरोपियों की भूमिका क्या थी।
 

विज्ञापन
rg kar doctor hasty cremation nirmal ghosh mob attack
निर्मल घोष पर हमला - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कोलकाता में आरजी कर अस्पताल की दुष्कर्म-हत्या पीड़िता की कथित जल्दबाजी में अंत्येष्टि का मामला फिर गरमा गया है। मामले में गिरफ्तार पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष पर शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले में भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोगों ने उन्हें लात-घूंसों से पीटा। जूते, अंडे और कीचड़ भी फेंका। घोष को एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन विधायक के तौर पर पीड़िता के शव की जल्दबाजी में अंत्येष्टि कराने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन


पुलिस थाने के बाहर भीड़ ने क्यों किया हमला?
घोष को खड़दह पुलिस थाने से बैरकपुर उपमंडलीय अदालत ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बाहर जमा भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पुलिस और आरएएफ के जवानों ने सुरक्षा घेरा बना रखा था। उनके सिर को हेलमेट से ढक दिया गया। इसके बावजूद भीड़ ने हमला कर दिया। उनके सफेद कुर्ते पर कीचड़ और अंडे के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। बैरकपुर अदालत में भी घोष को विरोध का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें देखकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें अदालत की हवालात तक पहुंचाया।
विज्ञापन


क्या दूसरे आरोपी के साथ भी हुआ ऐसा ही?
मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी संजीब मुखर्जी के साथ भी ऐसा ही व्यवहार हुआ। वह पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व पार्षद और घोष के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं। पुलिस जब उन्हें अदालत ले जाने वाली गाड़ी तक पहुंचा रही थी, तभी भीड़ ने उन्हें भी घेर लिया। आरोप है कि डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के बाद पानीहाटी श्मशान घाट ले जाए जाने के दौरान मुखर्जी वहां मौजूद थे। मामले का तीसरा आरोपी पानीहाटी नगरपालिका का पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार उसकी तलाश जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन




क्या है जल्दबाजी में अंत्येष्टि का पूरा मामला?
पीड़िता के पिता ने सोमवार को नई शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत को बाद में प्राथमिकी में बदल दिया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि घोष समेत तीन लोगों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर परिवार की इच्छा के खिलाफ शव की जल्दबाजी में अंत्येष्टि कराई।


मामला सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को पीड़िता की दूसरी बरसी पर आयोजित स्मृति कार्यक्रम में बैरकपुर पुलिस आयुक्त को नई जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। यह पहल इसलिए अहम मानी गई क्योंकि कथित जल्दबाजी में अंत्येष्टि का पहलू सीबीआई की चल रही जांच के दायरे से बाहर रहा था। पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि अंत्येष्टि इतनी जल्दी कराई गई कि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना ही खत्म हो गई। उनका कहना है कि दोबारा पोस्टमार्टम से उनकी बेटी के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते थे।

पुलिस दोनों गिरफ्तार टीएमसी नेताओं को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस उनकी 14 दिन की हिरासत मांग सकती है। पूरे मामले की नई जांच पीड़िता के पिता की ताजा शिकायत के बाद शुरू हुई है। अब जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि शव की अंत्येष्टि इतनी जल्दबाजी में क्यों की गई और इसमें आरोपियों की क्या भूमिका थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed