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Kaveri Water Dispute: 12 हजार क्यूसेक पानी पर घमासान, कावेरी विवाद में सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते फिर सुनवाई
Mon, 17 Aug 2026 03:29 PM IST
प्रशांत तिवारी
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 17 Aug 2026 03:29 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक-तमिलनाडु कावेरी जल विवाद की सुनवाई एक सप्ताह के लिए टालते हुए अगली तारीख पर ताजा आंकड़ों के साथ स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। तमिलनाडु ने अपने हिस्से का पानी नहीं मिलने का आरोप लगाया है, जबकि कर्नाटक ने कावेरी बेसिन में गंभीर जल संकट का हवाला दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद करने का फैसला किया है। अगली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ताजा आंकड़ों के साथ स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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तमिलनाडु ने कर्नाटक से तुरंत पानी छोड़ने की मांग की
याचिका में तमिलनाडु सरकार और डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी तुरंत छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि कम मानसून और बारिश की कमी के कारण तमिलनाडु को उसके हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। तमिलनाडु सरकार ने कर्नाटक पर कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के निर्देशों का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
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तमिलनाडु का दावा- पानी छोड़ा, लेकिन राज्य तक नहीं पहुंचा
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की ओर से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने के बावजूद वह तमिलनाडु तक नहीं पहुंच रहा है। तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कर्नाटक ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन राज्य को अभी तक अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं मिला है।
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कर्नाटक बोला- जल संकट की तस्वीर सही तरीके से पेश नहीं हो रही
वहीं, कर्नाटक सरकार की ओर से दलील दी गई कि राज्य की स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया जा रहा है। कर्नाटक ने कहा कि कावेरी बेसिन में गंभीर जल संकट बना हुआ है और पानी की भारी कमी है। राज्य के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बुधवार सुबह तक पानी की आपूर्ति 12,000 क्यूसेक से अधिक हो चुकी है। साथ ही अदालत को भरोसा दिलाया गया कि पानी की यह आपूर्ति जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने CWMA के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए ताजा आंकड़ों के साथ स्थिति की पूरी जानकारी मांगी है, ताकि कावेरी जल बंटवारे की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा सके।
डीके शिवकुमार बोले- बांधों में पानी देखकर लेंगे फैसला
इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि तमिलनाडु के लिए 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश आया है। उन्होंने कहा कि मैं लगातार हमारे जलाशयों में पानी के बहाव पर नजर रख रहा हूं। हम बांधों में पानी की उपलब्धता के आधार पर फैसला लेंगे। पानी छोड़ने के आदेश को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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किसानों से धैर्य रखने की अपील
डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के किसानों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करेगी और साथ ही कर्नाटक के किसानों की फसलों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।