अयोध्या मामले में 18 पुनर्विचार याचिकाओं पर आज विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
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अयोध्या भूमि विवाद मामले में नौ नवंबर को दिए फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बृहस्पतिवार को विचार करेगा। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ दोपहर करीब 1:40 बजे 18 पुनर्विचार याचिकाओं पर इन-चैंबर सुनवाई करेगी। पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं। जस्टिस खन्ना को छोड़कर बाकी सदस्य मामले में फैसला देने वाली संविधान पीठ का हिस्सा थे। जस्टिस खन्ना को 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए सीजेआई रंजन गोगोई की जगह शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड जानकारी के मुताबिक, 18 पुनर्विचार याचिकाओं में नौ उन पक्षों ने दायर की है, जो पहले पक्षकार थे। बाकी नौ तीसरे पक्ष ने दायर की हैं। पीठ विचार करेगी कि याचिकाओं पर ओपन कोर्ट में सुना जाए या नहीं। पूर्व सीजेआई गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 2.77 एकड़ विवादित भूमि रामलला को देने का फैसला सुनाया था। साथ ही केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया था।
इन्होंने दायर की पुनर्विचार याचिकाएं
पीठ मोहम्मद सिद्दीक, फारूख अहमद, मौलाना मुफ्ती हसबुल्लाह, मिस्बाद्दीन, हाजी महबूब अहमद, मौलाना महफूजुर्रहमान हाजी असद अहमद, अखिल भारत हिंदू महासभा, शिया सेंट्रल बोर्ड, डॉक्टर मोहम्मद अयूब, तहरीक फारुख ए इस्लाम, अब्दुल अनीस अंसारी, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ऑफ इंडिया दल चंद कपिल, अंबरीश कुमार व सम्राट प्रियदर्शी यूथ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल लीग, प्रभात पटनायक द्वारा 40 नामचीन हस्तियों द्वारा सामूहिक रूप से दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर विचार करेगी।
निर्मोही अखाड़े ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की
निर्मोही अखाड़े ने भी अयोध्या मामले में बुधवार को पुनर्विचार याचिका दायर की है। अखाड़े की ओर से पंच राजाराम चंद्र आचार्य ने याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि कोर्ट ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था और अखाड़े को प्रतिनिधित्व देने की बात कही थी। इस फैसले के एक महीने बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट में उसकी भूमिका तय नहीं हुई है।