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TMC के फ्रीज खातों को लेकर SC में कल सुनवाई: ED की रोक को ममता ने दी है चुनौती; हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

Sun, 02 Aug 2026 05:35 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 02 Aug 2026 05:35 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा सांसद डोला सेन की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज किए जाने को चुनौती दी गई है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

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Supreme Court to hear plea regarding TMC frozen accounts Mamata has challenged the ED's freeze order
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को तृणमूल कांग्रेस और उसकी राज्यसभा सांसद डोला सेन की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट के अनुसार, यह विशेष अनुमति याचिका (SLP) न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

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हाईकोर्ट के किस आदेश को दी गई है चुनौती?
याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें अदालत ने पीएमएलए  (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) की धारा 17(1-A) के तहत ईडी द्वारा जारी बैंक खाते फ्रीज करने के आदेश पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
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मामला किन बैंक खातों से जुड़ा है?
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के एचडीएफसी बैंक में मौजूद तीन खातों से जुड़ा है। ईडी ने 23 जून को प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने के बाद इन खातों से धन निकासी (डेबिट) पर रोक लगा दी थी। ईसीआईआर, बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मूल एफआईआर के आधार पर दर्ज की गई थी।
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हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से क्यों किया इनकार?
कलकत्ता हाईकोर्ट के एकल पीठ के न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें अदालत को इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित लगे। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि इस न्यायालय को प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं मिला और न ही सुविधा एवं असुविधा का संतुलन याचिकाकर्ताओं के पक्ष में है। इसलिए याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई अंतरिम राहत देने से इनकार किया जाता है।

ईडी ने खातों में क्या पाया?
हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी ने पार्टी के बैंक खातों का विश्लेषण किया, जिसमें विभिन्न संस्थाओं, विशेष रूप से केयरवेल समूह, को बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरित किए जाने के संकेत मिले। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत पर विचार करते समय यह तय करना संभव नहीं है कि ये लेन-देन वैध थे या नहीं। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अपनी सभी आपत्तियां और दलीलें पीएमएलए के तहत गठित निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

क्या पार्टी के सभी बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं?
न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने अपने आदेश में यह भी दर्ज किया कि ईडी ने पार्टी के केवल छह बैंक खातों पर रोक लगाई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस अभी भी 36 अन्य बैंक खातों का संचालन कर रही है। इन खातों में 164 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।

हाईकोर्ट ने ईडी की किन दलीलों को नहीं माना?
हालांकि हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत नहीं दी, लेकिन ईडी की उस प्रारंभिक आपत्ति को भी खारिज कर दिया, जिसमें याचिका की ग्राह्यता पर सवाल उठाया गया था। अदालत ने माना कि पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से दायर की गई रिट याचिका विधिसम्मत है। साथ ही यह भी कहा कि केवल वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध होने से हाईकोर्ट मनमानी या मनमाने ढंग से ईसीआईआर दर्ज किए जाने के आरोपों की जांच करने से वंचित नहीं हो जाता।

ईडी ने खातों पर कार्रवाई क्यों की?
ईडी के अनुसार जांच के दौरान करीब 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए। ईडी की कार्रवाई से पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के निर्देश पर संबंधित बैंक खातों से लेन-देन पर पहले ही डेबिट प्रतिबंध लगाया जा चुका था। जांच एजेंसी का कहना है कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अवैध गतिविधियों से अर्जित धन, प्रभाव के दुरुपयोग, बेईमानीपूर्ण वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध धन संग्रह से जुड़ी रकम इन खातों के माध्यम से भेजी गई थी।

एफआईआर और ईसीआईआर कैसे दर्ज हुई?
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके बाद ईडी ने उसी आधार पर पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।


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तृणमूल कांग्रेस ने अपनी याचिका में क्या कहा है?
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ईडी द्वारा बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई पूरी तरह यांत्रिक, मनमानी और बिना किसी विशेष 'अपराध से अर्जित आय' की पहचान किए की गई है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उसके खिलाफ लगातार दबाव और दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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