Supreme Court: जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका, जल्द सुनवाई की मांग
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देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर अदालत के आदेशों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। मामला आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) और जीन-एडिटेड फसलों के कथित अनधिकृत रिलीज से जुड़ा है। यह याचिका पर्यावरण कार्यकर्ता अरुणा रोड्रिग्स की साल 2005 की जनहित याचिका (PIL) का हिस्सा है, जिसमें सरकार द्वारा अदालत के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अदालत को यह आश्वासन दिया था कि बिना अनुमति किसी भी जेनेटिकली मॉडिफाइड फसल का पर्यावरणीय रिलीज नहीं किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से व्यावसायिक स्तर पर इनका उपयोग शुरू किया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह न्यायिक प्रक्रिया की अवमानना के बराबर है।
याचिका में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने 23 जुलाई 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उससे पहले दिए गए कई आदेशों का पालन नहीं किया। अदालत ने निर्देश दिया था कि किसी भी जेनेटिकली मॉडिफाइड फसल के रिलीज से पहले एक व्यापक राष्ट्रीय नीति तैयार की जाए, जिसमें विशेषज्ञों, राज्यों और सभी हितधारकों से परामर्श शामिल हो। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने अदालत को बताया कि यह अवमानना याचिका लंबे समय से लंबित है, लेकिन अभी तक इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है। याचिका में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी और जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी (GEAC) के अध्यक्ष अमनदीप गर्ग को पक्षकार बनाया गया है।
सांप के डसने से कांग्रेस नेता का निधन, सुप्रीम कोर्ट में उपचुनाव विवाद पर मामला हुआ समाप्त
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गोवा कांग्रेस नेता केतन भाटीकर की उस याचिका को समाप्त कर दिया, जिसमें उन्होंने पोंडा विधानसभा उपचुनाव रद्द करने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। यह निर्णय उनके निधन के एक दिन बाद लिया गया। भाटीकर (38) का गुरुवार रात सांप के काटने से निधन हो गया था। अदालत को जब उनकी मृत्यु की जानकारी दी गई, तो न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उनकी याचिका पर चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया। भाटीकर पोंडा विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे और उन्होंने उपचुनाव रद्द करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।