NCP: ऑपरेशन टाइगर पर सुप्रिया सुले ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- 2029 से पहले कर रहे हेरफेर, एनसीपी एकजुट
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि 2029 चुनावों से पहले राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं और लोकतंत्र खतरे में है। वहीं शरद पवार ने एनसीपी (एसपी) में किसी भी तरह की फूट की संभावना खारिज करते हुए पार्टी की एकजुटता पर भरोसा जताया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि 2029 चुनावों से पहले राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं और लोकतंत्र खतरे में है। वहीं शरद पवार ने एनसीपी (एसपी) में किसी भी तरह की फूट की संभावना खारिज करते हुए पार्टी की एकजुटता पर भरोसा जताया।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने गुरुवार को आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र समाप्त होने की कगार पर है। इसके साथ ही दावा किया कि 2029 के चुनावों से पहले राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी संदेह व्यक्त किया कि क्या लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पार्टी में दलबदल से संबंधित मामलों में शिवसेना (यूबीटी) को न्याय दिला पाएंगे।
पार्टियों को तोड़ने की क्या जरूरत है?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हालांकि पार्टियां अक्सर जीएसटी विधेयक जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर सर्वसम्मति से मतदान करती हैं, फिर भी 2029 के चुनावों से पहले राजनीतिक हेरफेर और पार्टियों को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा,' इस देश में लोकतंत्र खत्म होने की कगार पर है। 2029 में चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक रूप से परिवार और घर टूट रहे हैं। जब भी कोई महत्वपूर्ण विधेयक आता है, तो सभी सर्वसम्मति से मतदान करते हैं, जैसा कि जीएसटी विधेयक के दौरान हुआ था। अगर ऐसा है, तो इस सब राजनीतिक हेरफेर और पार्टियों को तोड़ने की क्या जरूरत है?'
सुले ने आगे कहा कि भले ही मतभेद मौजूद हों, लेकिन ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को लिखे पत्र का जिक्र किया, जिसमें बागी सांसद संजय दीना पाटिल ने उनके दल-बदल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा, 'किसी को भी इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ऐसी बातें महाराष्ट्र की संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।'
वहीं,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को अपनी पार्टी की एकता और निष्ठा पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों में फूट पड़ गई है, लेकिन उनकी पार्टी का कोई भी सांसद अलग नहीं होगा।
‘शिव सेना के यूबीटी सांसद बंट गए'
यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, ‘शिव सेना के यूबीटी सांसद बंट गए हैं। हमारे कोई भी सांसद नहीं बंटेंगे।’उनका यह बयान उन अटकलों के जवाब में आया है कि एनसीपी (एसपी) के सांसद और विधायक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संपर्क में हैं।
क्या है पूरा मामला?
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए हफ्तों से चल रही उथल-पुथल के बाद यह घटना हुई है, जिसमें उसके छह सांसदों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। लोकसभा सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को 22 जून को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया गया। उनके शामिल होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि वह कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़ते और कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर सफल रहा है।'