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Tamil Nadu: विजय थलापति को एनडीए में क्यों शामिल करना चाहती है भाजपा? पार्टी ने खुद बताई वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Love Gaur
Updated Sun, 08 Mar 2026 10:39 AM IST
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सार
Tamil Nadu Election: तमिलनाडु चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी है। इस बीच भाजपा ने अभिनेता विजय से एनडीए में शामिल होने पर विचार करने के लिए कहा है। भाजपा का मानना है कि इससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विरोधी वोटों के बिखराव को रोका जा सकेगा।
थलापति विजय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के एलान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने सियासी समीकरणों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। इस बीच भाजपा ने अभिनेता से नेता बने विजय से अपील की है कि वे अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने पर विचार करें। भाजपा का मानना है कि इससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विरोधी वोटों के बिखराव को रोका जा सके।
राजनीतिक परिदृश्य और भाजपा की चिंताएं
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने एक बयान में कहा कि राज्य की राजनीतिक स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार जनता के बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है। प्रसाद के अनुसार, डीएमके नेतृत्व आगामी चुनावों में अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के प्रयास में कई छोटे दलों और संगठनों को अपने गठबंधन में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सत्तारूढ़ दल की चुनावी प्रदर्शन और संभावनाओं के बारे में उसकी चिंताओं को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया, खासतौर से डीएमडीके को राज्यसभा सीट आवंटित करने के फैसला का जिक्र रहा। उन्होंने कहा कि इस कदम से कथित तौर पर वीसीके और वामपंथी दलों समेत कुछ पुराने गठबंधन सहयोगियों में असंतोष पैदा हुआ है।
जनता का असंतोष और चुनावी रणनीति
प्रसाद ने आगे दावा किया कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे मुद्दों पर जनता का असंतोष बढ़ रहा है। उनका तर्क है कि ये कारक आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाता की भावना को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डीएमके का विरोध करने वाली सभी राजनीतिक शक्तियों को सत्ता विरोधी वोट को विभाजित करने से बचने के लिए मिलकर काम करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अभिनेता-राजनेता विजय से अपील की, जिनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) चुनावी राजनीति में प्रवेश की तैयारी कर रही है, कि वे एआईएडीएमके-भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन करें।
ये भी पढ़ें: Tamil Nadu: 'पलानीस्वामी का भी बिहार के मुख्यमंत्री जैसा हाल होगा', तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का बड़ा दावा
एकजुट विपक्ष की आवश्यकता
प्रसाद के अनुसार, अगर विजय का घोषित उद्देश्य डीएमके को सत्ता में लौटने से रोकना है, तो एक व्यापक विपक्षी गठबंधन में शामिल होने से उस प्रयास को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक बिखरा विपक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचा सकता है।
भाजपा नेता ने विजय से गठबंधन के बारे में निर्णय लेने से पहले तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य और ऐतिहासिक चुनावी पैटर्न का सावधानीपूर्वक आकलन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डीएमके के खिलाफ एक एकीकृत मोर्चा विपक्षी दलों को आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती देने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा।
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राजनीतिक परिदृश्य और भाजपा की चिंताएं
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने एक बयान में कहा कि राज्य की राजनीतिक स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार जनता के बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है। प्रसाद के अनुसार, डीएमके नेतृत्व आगामी चुनावों में अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के प्रयास में कई छोटे दलों और संगठनों को अपने गठबंधन में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सत्तारूढ़ दल की चुनावी प्रदर्शन और संभावनाओं के बारे में उसकी चिंताओं को दर्शाता है।
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भाजपा नेता ने डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया, खासतौर से डीएमडीके को राज्यसभा सीट आवंटित करने के फैसला का जिक्र रहा। उन्होंने कहा कि इस कदम से कथित तौर पर वीसीके और वामपंथी दलों समेत कुछ पुराने गठबंधन सहयोगियों में असंतोष पैदा हुआ है।
जनता का असंतोष और चुनावी रणनीति
प्रसाद ने आगे दावा किया कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे मुद्दों पर जनता का असंतोष बढ़ रहा है। उनका तर्क है कि ये कारक आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाता की भावना को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डीएमके का विरोध करने वाली सभी राजनीतिक शक्तियों को सत्ता विरोधी वोट को विभाजित करने से बचने के लिए मिलकर काम करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अभिनेता-राजनेता विजय से अपील की, जिनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) चुनावी राजनीति में प्रवेश की तैयारी कर रही है, कि वे एआईएडीएमके-भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन करें।
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एकजुट विपक्ष की आवश्यकता
प्रसाद के अनुसार, अगर विजय का घोषित उद्देश्य डीएमके को सत्ता में लौटने से रोकना है, तो एक व्यापक विपक्षी गठबंधन में शामिल होने से उस प्रयास को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक बिखरा विपक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचा सकता है।
भाजपा नेता ने विजय से गठबंधन के बारे में निर्णय लेने से पहले तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य और ऐतिहासिक चुनावी पैटर्न का सावधानीपूर्वक आकलन करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डीएमके के खिलाफ एक एकीकृत मोर्चा विपक्षी दलों को आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती देने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा।
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