Railways: इस शहर के लोग सबसे ज्यादा करते हैं बगैर टिकट सफर! रेलवे ने वसूले 16 करोड़
मध्य रेलवे के अनुसार, अप्रैल महीने में करीब 4.96 लाख ऐसे यात्रियों को पकड़ा गया है। जो बिना टिकट या अमान्य टिकट के साथ यात्रा कर रहे थे। इन यात्रियों से कुल 40.85 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए।
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भारतीय रेलवे लगातार बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। रेलवे का कहना है कि इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि रिजर्वेशन लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी कड़ी में मध्य रेलवे द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान में बड़ी संख्या में यात्री बिना टिकट और अनाधिकृत टिकट के साथ सफर करते पकड़े गए।
सबसे ज्यादा मामले मायानगरी मुंबई से सामने आए। जहां बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या नागपुर, पुणे और सोलापुर जैसे शहरों से भी अधिक रही। रेलवे ने इन यात्रियों से भारी जुर्माना वसूला। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के लिए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
मध्य रेलवे के अनुसार, अप्रैल महीने में करीब 4.96 लाख ऐसे यात्रियों को पकड़ा गया है। जो बिना टिकट या अमान्य टिकट के साथ यात्रा कर रहे थे। इन यात्रियों से कुल 40.85 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। सबसे ज्यादा मामले मुंबई डिवीजन में सामने आए है। यहां अकेले 16.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल के मुकाबले इस बार कार्रवाई में बड़ा इजाफा हुआ है। अप्रैल 2025 में 4.04 लाख मामले सामने आए थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 4.96 लाख पहुंच गई। वहीं, जुर्माने की रकम में भी 63 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां 25.03 करोड़ रुपये वसूले गए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 40.85 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
मध्य रेलवे के अलग-अलग डिवीजनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई सबसे ऊपर रहा। यहां 2.27 लाख मामलों में कार्रवाई करते हुए 16.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके बाद भुसावल डिवीजन में 1.09 लाख मामलों से 12.23 करोड़ रुपये की वसूली हुई। वहीं, पुणे डिवीजन में 0.52 लाख मामलों से 4.54 करोड़ रुपये और नागपुर डिवीजन में 0.58 लाख मामलों से 3.92 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसके अलावा सोलापुर डिवीजन में 1.45 करोड़ रुपये और मुख्यालय स्तर पर 2.58 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई।
मुंबई और पुणे डिवीजन की सबअर्बन ट्रेनों में भी बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े गए। मुंबई डिवीजन में दर्ज कुल 2.27 लाख मामलों में से करीब 1.34 लाख मामले लोकल ट्रेनों से जुड़े थे। हैरानी की बात यह रही कि एसी लोकल ट्रेनों में भी 12,698 यात्री बिना वैध टिकट सफर करते पकड़े गए। इन यात्रियों से रेलवे ने 39.66 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
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