Sukhbir Badal: ‘ये है वर्दी पहनने का असली मतलब’, हरसिमरत कौर ने महाराष्ट्र पुलिस की तारीफ में क्यों कहा ऐसा?
नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हुए कृपाण हमले के दौरान महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र ने हमलावर और बादल के बीच खड़े होकर उनकी जान बचाई। हमले के बाद हरसिमरत कौर बादल ने इंस्पेक्टर की बहादुरी की तारीफ की और उनके साहस को सलाम किया।
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एसएडी नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी की बहादुरी की तारीफ की। इस अधिकारी ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में उनके पति और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने में बहादुरी दिखाई थी, जिन पर हमला हुआ था।
हरसिमरत ने एक्स पर क्या लिखा?
उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुखबीर और हमलावर के बीच इंसानी ढाल बनकर खड़े हो गए। उन्होंने एसएडी प्रमुख की जान बचाने के लिए अपनी जान भी जोखिम में डाल दी। बठिंडा की सांसद हरसिमरत ने एक्स लिखा, ‘नांदेड़ में हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल जी की जान बचाने में बहादुरी दिखाने के लिए मैं महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र को सलाम करती हूं।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'संतोष, आपने सुखबीर जी और हमलावर के बीच एक इंसानी ढाल की तरह खड़े होकर उनकी जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। ऐसा करके आपने हमें याद दिलाया कि वर्दी पहनने का असली मतलब क्या है। खुद से ऊपर अपनी ड्यूटी को रखना और डर से ऊपर हिम्मत को रखना।'
क्या है पूरा मामला?
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल, जिन्हें Z+ सुरक्षा मिली हुई है, गुरुवार को नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में एक गुरुद्वारे के अंदर कृपाण के हमले में घायल हो गए। उन्हें शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कौन है हमलावर?
नांदेड़ के एसपी नीलाभ रोहन ने पीटीआई को बताया कि निहंग (सिखों के एक मार्शल ग्रुप का सदस्य) जसपाल सिंह ने उस पर कृपाण (मुड़ी हुई तलवार) से हमला किया। महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि पुणे के रहने वाले जसपाल सिंह, जिनके पास कॉमर्स और लॉ की डिग्री है।
पूछताछ के लिए नांदेड़ पुलिस हेडक्वार्टर ले जाया गया। हरसिमरत ने कहा कि बादल परिवार इंस्पेक्टर केंद्र का बहुत आभारी है। उन्होंने कहा, 'आपकी बहादुरी कभी नहीं भुलाई जाएगी। वाहेगुरु आपको जल्द ठीक होने का आशीर्वाद दें।' उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, 'साथ ही, यशोसाई अस्पताल के डॉक्टरों और पूरे स्टाफ का भी खास ज़िक्र करना चाहूंगी, जिन्होंने हमें सहारा देने के लिए लगातार सेवा की।'