{"_id":"6a2a46c10b986a313808d206","slug":"threat-of-nipah-virus-emerges-in-india-one-patient-detected-in-kerala-high-alert-issued-in-the-state-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nipah Virus: भारत में भी दिखने लगा निपाह वायरस का खतरा, केरल में मिला एक मरीज; राज्य में हाई अलर्ट जारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Nipah Virus: भारत में भी दिखने लगा निपाह वायरस का खतरा, केरल में मिला एक मरीज; राज्य में हाई अलर्ट जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:55 AM IST
विज्ञापन
सार
भारत में निपाह वायरस का खतरा एक बार और बढ़ने लगा है। गुरुवार को केरल में एक मरीज निपाह वायरस से संक्रमित पाया है। जिसके कारण राज्य में हाई अलर्ट जारी है। पढ़ें पूरी खबर
निपाह वायरस
- फोटो : एडोब स्टॉक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
केरल में एक एक व्यक्ति की शुरुआती जांच में निपाह वायरस से संक्रमित पाया है। जिसके कारण केरल मे हाई अलर्ट है।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 43 वर्षीय एक व्यक्ति की शुरुआती जांच में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद केरल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पुष्टि के लिए सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं और जल्द ही नतीजे आने की उम्मीद है।
क्या है निपाह वायरस?
वायरस के मुख्य वाहक चमगादड़ होते हैं। अगर कोई व्यक्ति चमगादड़ के काटने से प्रभावित फल खाता है, तो वह भी इस वायरस से संक्रमित हो सकता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दावा किया था कि चमगादड़ों के अलावा पागल कुत्ते भी इस वायरस के वाहक हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है इसके लक्षण?
निपाह वायरस से संक्रमित लोगों की औसत मृत्यु दर 50 प्रतिशत से अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार, वायरस का जितनी जल्दी पता चलता है, ठीक होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसके बाद दौरे, गले में खराश, और सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है। अधिक गंभीर अवस्था में, रोगी कोमा में जा सकता है। अभी तक इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। इस वायरस के टीके पर शोध जारी है।