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Tirumala Laddu Case: तिरुपति लड्डू विवाद पर CBI ने चार्जशीट में क्या बताया? फिर बढ़ा सियासी पारा, बयानबाजी तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विजयवाड़ा
Published by: लव गौर
Updated Fri, 30 Jan 2026 08:50 AM IST
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सार
Tirumala Laddu Case: तिरुपति लड्डू विवाद पर सीबीआई की अंतिम चार्जशीट के बाद एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। चार्जशीट के बाद पशु चर्बी वाले घी के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया। ऐसे में सियासी बायनबाजी भी तेज हो गई।
तिरुपति लड्डू विवाद
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति मंदिर के लड्डू को लेकर ऐसा दावा किया था, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। उन्होंने प्रसाद के लड्डू को 'पशु चर्बी' से अपवित्र किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। ऐसे में राजनीतिक और धार्मिक बवाल खड़ा करने के 16 महीने बाद अब सीबीआई की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच पूरी करते हुए अंतिम चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसके बाद एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है।
भाजपा ने YSRCP को घेरा
विजयवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता सादिनेनी यामिनी शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने तिरुपति लड्डू घोटाले में अपनी फाइनल चार्जशीट जमा कर दी है, जिसमें घी में मिलावट और लड्डू बनाने के लिए 36 लोगों को नामजद किया है। एसआईटी ने यह भी साफ किया कि उन्होंने लड्डू बनाने के लिए शुद्ध घी की जगह सिंथेटिक घी सप्लाई किया था।
इसी के साथ उन्होंने पूर्ववर्ती YSRCP सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के करोड़ों हिंदू इन YSRCP कार्यकर्ताओं, नेताओं या तत्कालीन TTD चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी और भूमना करुणाकर रेड्डी को कभी भूल नहीं सकते और न ही माफ कर सकते हैं, जो इसमें शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि भगवान वेंकटेश्वर सब देख रहे हैं उन्हें अपने कर्मों का फल मिलेगा।
घी में नहीं मिली पशु चर्बी: सुब्बा रेड्डी
इधर, वाईएसआरसीपी राज्यसभा सदस्य और पूर्व टीटीडी चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई के नेतृत्व वाली विशेष। जांच टीम द्वारा दायर अंतिम चार्जशीट से यह पक्के तौर पर साबित हो गया है कि तिरुमाला लड्डू प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में कोई पशु वसा या पशु से बनी कोई चीज नहीं पाई गई।
'नायडू को माफी मांगनी चाहिए'
तिरुमाला लड्डू मामले पर दायर चार्जशीट पर YSRCP महासचिव गडिकोटा श्रीकांत रेड्डी ने सीएम नायडू को घेरा। उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि चंद्रबाबू नायडू गंदी और हेरफेर वाली राजनीति के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने बिना किसी पुष्टि के कहा कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था। यह पुष्टि नहीं हुई है कि लड्डू बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल हुआ था। चंद्रबाबू नायडू सिर्फ राजनीतिक फायदा चाहते हैं। उन्हें वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
ये भी पढ़ें: Tirupati laddu Case: लड्डू घी मिलावट मामले में CBI ने दाखिल की अंतिम चार्जशीट, TTD कर्मचारियों समेत कई आरोपी
CBI ने अपनी अंतिम चार्जशीट में क्या बताया?
दरअसल, अक्टूबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद गठित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 23 जनवरी, 2026 को नेल्लोर स्थित भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) न्यायालय में अपना अंतिम आरोप पत्र दाखिल किया। इस विस्तृत दस्तावेज में बड़े पैमाने पर खरीद घोटाले और खतरनाक मिलावट की पुष्टि हुई है, लेकिन यह निष्कर्ष निकला है कि पशु चर्बी नहीं थी। बल्कि वनस्पति तेलों और प्रयोगशाला में तैयार किए गया सिंथेटिक घी था।
नेल्लोर में एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष 22 जनवरी को दायर की गई 223 पृष्ठों की पूरक और अंतिम आरोप पत्र में 36 व्यक्तियों और फर्मों पर 2019 से 2024 तक 234 करोड़ रुपये की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है।
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विजयवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता सादिनेनी यामिनी शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने तिरुपति लड्डू घोटाले में अपनी फाइनल चार्जशीट जमा कर दी है, जिसमें घी में मिलावट और लड्डू बनाने के लिए 36 लोगों को नामजद किया है। एसआईटी ने यह भी साफ किया कि उन्होंने लड्डू बनाने के लिए शुद्ध घी की जगह सिंथेटिक घी सप्लाई किया था।
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#WATCH | Vijayawada, Andhra Pradesh | BJP spokesperson Sadineni Yamini Sharma says, "The Supreme Court-appointed CBI-led SIT has submitted its final charge sheet in the Tirupati laddu scam, where the SIT has named 36 people for adulterating ghee and laddu making. The SIT also… pic.twitter.com/Y3EHYJs7vU
— ANI (@ANI) January 29, 2026
इसी के साथ उन्होंने पूर्ववर्ती YSRCP सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के करोड़ों हिंदू इन YSRCP कार्यकर्ताओं, नेताओं या तत्कालीन TTD चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी और भूमना करुणाकर रेड्डी को कभी भूल नहीं सकते और न ही माफ कर सकते हैं, जो इसमें शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि भगवान वेंकटेश्वर सब देख रहे हैं उन्हें अपने कर्मों का फल मिलेगा।
घी में नहीं मिली पशु चर्बी: सुब्बा रेड्डी
इधर, वाईएसआरसीपी राज्यसभा सदस्य और पूर्व टीटीडी चेयरमैन वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई के नेतृत्व वाली विशेष। जांच टीम द्वारा दायर अंतिम चार्जशीट से यह पक्के तौर पर साबित हो गया है कि तिरुमाला लड्डू प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में कोई पशु वसा या पशु से बनी कोई चीज नहीं पाई गई।
'नायडू को माफी मांगनी चाहिए'
तिरुमाला लड्डू मामले पर दायर चार्जशीट पर YSRCP महासचिव गडिकोटा श्रीकांत रेड्डी ने सीएम नायडू को घेरा। उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि चंद्रबाबू नायडू गंदी और हेरफेर वाली राजनीति के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने बिना किसी पुष्टि के कहा कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था। यह पुष्टि नहीं हुई है कि लड्डू बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल हुआ था। चंद्रबाबू नायडू सिर्फ राजनीतिक फायदा चाहते हैं। उन्हें वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
ये भी पढ़ें: Tirupati laddu Case: लड्डू घी मिलावट मामले में CBI ने दाखिल की अंतिम चार्जशीट, TTD कर्मचारियों समेत कई आरोपी
CBI ने अपनी अंतिम चार्जशीट में क्या बताया?
दरअसल, अक्टूबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद गठित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 23 जनवरी, 2026 को नेल्लोर स्थित भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) न्यायालय में अपना अंतिम आरोप पत्र दाखिल किया। इस विस्तृत दस्तावेज में बड़े पैमाने पर खरीद घोटाले और खतरनाक मिलावट की पुष्टि हुई है, लेकिन यह निष्कर्ष निकला है कि पशु चर्बी नहीं थी। बल्कि वनस्पति तेलों और प्रयोगशाला में तैयार किए गया सिंथेटिक घी था।
नेल्लोर में एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष 22 जनवरी को दायर की गई 223 पृष्ठों की पूरक और अंतिम आरोप पत्र में 36 व्यक्तियों और फर्मों पर 2019 से 2024 तक 234 करोड़ रुपये की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है।
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