{"_id":"6a2021bd9a49bcfb280d31c2","slug":"tmc-mla-firhad-hakim-has-resigned-from-the-post-of-mayor-of-kolkata-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोलकाता: ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से दे दिया इस्तीफा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोलकाता: ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से दे दिया इस्तीफा
आईएएनएस, कोलकाता।
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:14 PM IST
विज्ञापन
सार
कोलकाता के मेयर और टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। हकीम ने भाजपा सरकार बनने के बाद कामकाज में दिक्कतों का हवाला दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी बगावत और नेताओं की नाराजगी से जूझ रही है।
फिरहाद हकीम ने छोड़ा मेयर पद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया है। हालांकि, इस्तीफे के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के 58 विधायको ने अलग गुट बना लिया है। जिसे विधानसभा स्पीकर की ओर से मंजरी भी दे दी गई है।
फिरहाद हकीम टीएमसी के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने पहले भी ममता बनर्जी से मेयर पद छोड़ने की अनुमति मांगी थी। उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा था। लेकिन बुधवार को उन्होंने दोबारा इस्तीफे की इच्छा जताई, जिसके बाद ममता बनर्जी ने इसकी मंजूरी दे दी। बताया जा रहा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासनिक कामकाज में दिक्कतों के कारण उन्होंने यह फैसला लिया।
क्या फिरहाद हकीम का इस्तीफा टीएमसी के लिए बड़ा झटका है?
फिरहाद हकीम लंबे समय से टीएमसी का बड़ा चेहरा रहे हैं। वह अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पार्टी की मजबूत पकड़ माने जाते हैं। 2018 से वह कोलकाता के मेयर पद पर थे और राज्य सरकार में कई अहम मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब टीएमसी पहले से ही बगावत और संगठनात्मक संकट से जूझ रही है।
विज्ञापन
हाल के दिनों में कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद भी इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी के भीतर लगातार असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कई नेता खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। इससे टीएमसी की अंदरूनी स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी के सामने संगठन को बचाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
भाजपा सरकार बनने के बाद बदले हालात?
कुणाल घोष के मुताबिक, फिरहाद हकीम ने भाजपा सरकार बनने के बाद कामकाज में कठिनाइयों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल तेजी से बदला है। कई टीएमसी नेताओं का कहना है कि सरकार बदलने के बाद विपक्षी नेताओं के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। हालांकि भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।
फिरहाद हकीम टीएमसी के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने पहले भी ममता बनर्जी से मेयर पद छोड़ने की अनुमति मांगी थी। उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा था। लेकिन बुधवार को उन्होंने दोबारा इस्तीफे की इच्छा जताई, जिसके बाद ममता बनर्जी ने इसकी मंजूरी दे दी। बताया जा रहा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासनिक कामकाज में दिक्कतों के कारण उन्होंने यह फैसला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या फिरहाद हकीम का इस्तीफा टीएमसी के लिए बड़ा झटका है?
फिरहाद हकीम लंबे समय से टीएमसी का बड़ा चेहरा रहे हैं। वह अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पार्टी की मजबूत पकड़ माने जाते हैं। 2018 से वह कोलकाता के मेयर पद पर थे और राज्य सरकार में कई अहम मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब टीएमसी पहले से ही बगावत और संगठनात्मक संकट से जूझ रही है।
Trending Videos
हाल के दिनों में कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद भी इस्तीफा दे चुके हैं। पार्टी के भीतर लगातार असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कई नेता खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। इससे टीएमसी की अंदरूनी स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी के सामने संगठन को बचाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
भाजपा सरकार बनने के बाद बदले हालात?
कुणाल घोष के मुताबिक, फिरहाद हकीम ने भाजपा सरकार बनने के बाद कामकाज में कठिनाइयों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल तेजी से बदला है। कई टीएमसी नेताओं का कहना है कि सरकार बदलने के बाद विपक्षी नेताओं के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। हालांकि भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।