सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TMC Not Joining Congress, Claims Ritabrata Banerjee Amid Merger Speculation

बंगाल: TMC के कांग्रेस में विलय की अटकलों को ऋतब्रत बनर्जी ने किया खारिज, बोले- न तो सांसद जा रहे हैं और न MLA

एएनआई, कोलकाता। Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 10 Jun 2026 05:27 PM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि पार्टी के विधायक, सांसद और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि कांग्रेस में जाने के पक्ष में नहीं हैं, इसलिए विलय की अटकलों का कोई आधार नहीं है।

TMC Not Joining Congress, Claims Ritabrata Banerjee Amid Merger Speculation
टीएमसी के निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि न तो टीएमसी की विधायक दल कांग्रेस में शामिल हो रही है और न ही पार्टी के सांसदों, नगर निकायों या पंचायतों के प्रतिनिधियों के बीच ऐसा कोई रुझान है।





 'विलय का सवाल ही नहीं उठता'
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, अभी संख्या 64 विधायकों की है। ये लोग आएंगे और विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपेंगे। कांग्रेस और टीएमसी के विलय की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "जहां तक हमारी विधायक दल की बात है, हम निश्चित रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं। संसद में जो सांसद हैं, उनमें से दो-तिहाई से अधिक भी कांग्रेस में विलय नहीं हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन किसके साथ विलय कर रहा है?"
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार न तो सांसद कांग्रेस में जा रहे हैं, न विधायक, न नगर पालिका के प्रतिनिधि, न जिला परिषद के सदस्य और न ही पंचायत प्रतिनिधि। बनर्जी ने कहा, "जब कोई भी कहीं नहीं जा रहा है तो विलय का सवाल ही नहीं उठता।"
विज्ञापन


ऋतब्रत बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में टीएमसी और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। उनके बयान को इन चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि वर्तमान में विधायकों की संख्या 64 है और यह बढ़ने की उम्मीद है।

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस्तीफों पर साधी चुप्पी
वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने सुष्मिता देव के इस्तीफे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उन्होंने सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव जैसे नेताओं के इस्तीफे का जिक्र करते हुए उन लोगों पर सवाल उठाए हैं जो पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतने के बावजूद वर्तमान में पार्टी से अलग राय रखते हैं या पार्टी के सही रास्ते पर न होने का विश्वास करते हैं, फिर भी अपनी सांसद की सीटें पकड़े हुए हैं।

घोष ने कहा, "अगर सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव, जिन्होंने ममता दीदी के उम्मीदवारों के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतीक पर जीत हासिल की थी, इस्तीफा दे सकते हैं, तो आप बाकी लोग क्यों जारी रख रहे हैं? अगर आप पार्टी के साथ जुड़े नहीं हैं या मानते हैं कि यह सही रास्ते पर नहीं है, तो आप दूसरों को उपदेश देते हुए अपनी सांसद की सीटों पर क्यों बने हुए हैं?"

कांग्रेस-टीएमसी विलय की खबरों पर टिप्पणी से इनकार
कांग्रेस और टीएमसी के बीच संभावित विलय की खबरों पर सवाल पूछे जाने पर कुणाल घोष ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने दिल्ली में हो रही बैठकों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहने की बात कही। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह इंडिया ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक थी, और दोनों पार्टियों के बीच आगे भी बैठकें संभव हैं और हो भी रही हैं। उन्होंने कहा, "हमारे नेता दिल्ली में हैं; पहले कुछ वास्तव में होने दें, और फिर हम देखेंगे। कुणाल घोष के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर इस्तीफों को लेकर कुछ असंतोष है। वहीं कांग्रेस के साथ संभावित विलय के मुद्दे पर फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed