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Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का दिल्ली दौरा संपन्न, कांग्रेस नेताओं से नहीं की मुलाकात
पीटीआई, नई दिल्ली/चेन्नई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 28 May 2026 04:24 PM IST
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सार
Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात किए बिना लौट गए। दिल्ली दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राज्य से जुड़े कई मुद्दे उठाए। पढ़िए रिपोर्ट-
विजय, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
- फोटो : पीटीआई/अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपनी पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार को चेन्नई लौट आए। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात नहीं की।
राहुल गांधी से मुलाकात क्यों नहीं हुई?
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने कहा कि उनके पार्टी के नेता राहुल गांधी से मुलाकात इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि मुख्यमंत्री की यह यात्रा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित थी, राजनीतिक बैठकों के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मुलाकात रद्द नहीं हुई है, बल्कि फिलहाल टाल दी गई है। तिलक ने पत्रकारों से कहा, मुख्यमंत्री 11 जून के आसपास नीति आयोग की बैठक के लिए फिर दिल्ली आ सकते हैं और तब राहुल व सोनिया गांधी से मुलाकात हो सकती है।
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विजय ने अपनी दिल्ली यात्रा समाप्त की और विशेष विमान से चेन्नई लौट गए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इनमें मेकेदातु बांध विवाद, मछुआरों की गिरफ्तारी और तमिल वंदना गीत को लेकर विवाद शामिल थे।
केंद्र के सामने क्या मांगें रखीं?
इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की और तमिलनाडु के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं-
मुख्यमंत्री ने तमिल थाई वाइथु (तमिल वंदना गीत) का मुद्दा भी उठाया। उनकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद तीसरे नंबर पर इसे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी उठाया।
मेकेदातु परियोजना पर क्या कहा?
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सामने पड़ोसी राज्य कर्नाटक से जुड़े मेकेदातु बांध परियोजना का मामला भी रखा। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विजय ने कावेरी नदी पर मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना के शिलान्यास की कर्नाटक सरकार की घोषणा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।
ये भी पढ़ें: देश के सात हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलेगा रोजगार, सेना ने किया समझौता
निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में विजय ने राज्य में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई) स्थापित करने की मांग की। उन्होंने इरोड, कोयंबटूर और मदुरै जैसे शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता भी मांगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाया जा सके और औद्योगिक विकास को गति मिले।
भाकपा ने क्या कहा?
विल्लुपुरम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाकपा के राज्य सचिव एम. वीरापांडियन ने कहा कि तमिलनाडु की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना, मेकेदातु बांध मुद्दा और तमिल थाई वाझ्थु लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं, इसलिए प्रधानमंत्री को इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, भाकपा की ओर से हम प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि वे मुख्यमंत्री की मांगों को पूरा करें।
राहुल गांधी से मुलाकात क्यों नहीं हुई?
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने कहा कि उनके पार्टी के नेता राहुल गांधी से मुलाकात इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि मुख्यमंत्री की यह यात्रा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित थी, राजनीतिक बैठकों के लिए नहीं।
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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मुलाकात रद्द नहीं हुई है, बल्कि फिलहाल टाल दी गई है। तिलक ने पत्रकारों से कहा, मुख्यमंत्री 11 जून के आसपास नीति आयोग की बैठक के लिए फिर दिल्ली आ सकते हैं और तब राहुल व सोनिया गांधी से मुलाकात हो सकती है।
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विजय ने अपनी दिल्ली यात्रा समाप्त की और विशेष विमान से चेन्नई लौट गए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इनमें मेकेदातु बांध विवाद, मछुआरों की गिरफ्तारी और तमिल वंदना गीत को लेकर विवाद शामिल थे।
केंद्र के सामने क्या मांगें रखीं?
इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की और तमिलनाडु के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं-
- बंदरगाहों और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए फंड को प्राथमिकता देना।
- रेलवे परियोजनाओं और औद्योगिक गलियारों के लिए वित्तीय सहायता।
- राज्य में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई) स्थापित करना।
- इरोड, कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए मदद देना, ताकि सार्वजनिक परिवहन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने तमिल थाई वाइथु (तमिल वंदना गीत) का मुद्दा भी उठाया। उनकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद तीसरे नंबर पर इसे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी उठाया।
मेकेदातु परियोजना पर क्या कहा?
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सामने पड़ोसी राज्य कर्नाटक से जुड़े मेकेदातु बांध परियोजना का मामला भी रखा। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विजय ने कावेरी नदी पर मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना के शिलान्यास की कर्नाटक सरकार की घोषणा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।
ये भी पढ़ें: देश के सात हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलेगा रोजगार, सेना ने किया समझौता
निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में विजय ने राज्य में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई) स्थापित करने की मांग की। उन्होंने इरोड, कोयंबटूर और मदुरै जैसे शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता भी मांगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाया जा सके और औद्योगिक विकास को गति मिले।
भाकपा ने क्या कहा?
विल्लुपुरम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाकपा के राज्य सचिव एम. वीरापांडियन ने कहा कि तमिलनाडु की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना, मेकेदातु बांध मुद्दा और तमिल थाई वाझ्थु लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं, इसलिए प्रधानमंत्री को इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, भाकपा की ओर से हम प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि वे मुख्यमंत्री की मांगों को पूरा करें।