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Tamil Nadu: पेन्नैयार नदी जल विवाद पर बोले DMK के मंत्री दुरईमुरुगन- केंद्र सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 03 Feb 2026 03:18 PM IST
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सार

Pennaiyar River Dispute: तमिलनाडु के मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के निर्देश पर उन्होंने 2021 से लगातार इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाया और कई पत्र लिखे। उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को तेज करने की मांग भी की।

TN's continuous efforts resulted in SC’s favourable judgment in Pennaiyar River dispute: Minister
दुराईमुरुगन, तमिलनाडु जल संसाधन मंत्री - फोटो : facebook.com/duraimurugankpd/photos
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विस्तार
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तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा है कि पेन्नैयार नदी विवाद में सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला तमिलनाडु सरकार की लगातार कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक महीने के भीतर इस अंतर-राज्यीय जल विवाद को सुलझाने के लिए ट्रिब्यूनल (न्यायाधिकरण) बनाए। मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि अब तमिलनाडु के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र सरकार इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करेगी। उन्होंने मांग की कि केंद्र तुरंत मध्यस्थता पैनल / ट्रिब्यूनल का गठन करे।
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तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद
यह विवाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नैयार नदी और उसकी सहायक मार्कंडेया नदी को लेकर है। तमिलनाडु का आरोप है कि कर्नाटक बिना अनुमति नदी पर चेक डैम और पानी मोड़ने की संरचनाएं बना रहा था, जिससे निचले हिस्से में बसे तमिलनाडु के लोगों के पानी के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। तमिलनाडु सरकार ने इस मुद्दे पर 2018 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

'1892 के मद्रास-मैसूर समझौते के अंतर्गत आती हैं नदियां'
मंत्री ने बताया कि ये नदियां 1892 के मद्रास-मैसूर समझौते के अंतर्गत आती हैं। इस समझौते के मुताबिक, कर्नाटक को इन नदियों पर कोई भी निर्माण करने से पहले तमिलनाडु की सहमति लेनी जरूरी है।केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 में एक वार्ता समिति बनाई थी। इस समिति ने 31 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट में जल शक्ति मंत्रालय को ट्रिब्यूनल बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसमें देरी की, ऐसा तमिलनाडु सरकार का आरोप है।

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'लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे'
डीएमके के मंत्री ने साफ कहा कि तमिलनाडु सरकार पीने के पानी और खेती पर निर्भर लोगों के हितों की रक्षा के लिए पेन्नैयार और मार्कंडेया नदियों के पानी को सुरक्षित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाती रहेगी।

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