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'विजय ने राज्यपाल को सौंपा फर्जी पत्र': दिनाकरन का TVK पर गंभीर आरोप, AMMK विधायक के समर्थन का किया था दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 09 May 2026 04:27 PM IST
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सार
तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटों में से 108 सीटें जीतने वाली टीवीके ने बहुमत के जादुई आंकड़े 118 तक पहुंचने के लिए कई छोटे दलों से समर्थन मांगा है। सीपीआई और सीपीआई (एम), जिनके पास दो-दो सीटें हैं, और कांग्रेस, जिसके पास पांच सीटें हैं, ने पहले ही विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को अपना समर्थन दे दिया था।
एएमएमके नेता टीटीवी दिनाकरन
- फोटो : ANI
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विस्तार
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुई सियासी खींचतान अब तक जारी है। इस बीच अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने अभिनेता से राजनेता बने विजय पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर राज्यपाल को विधायक कामराज के समर्थन पत्र की फर्जी प्रति सौंपने का आरोप लगाया है।
दिनाकरन ने टीवीके प्रमुख विजय से राज्यपाल के सामने वीडियो और मूल पत्र पेश करने की मांग की है, ताकि वे अपने दावों को साबित कर सकें। उन्होंने कहा, "अगर यह सच है, तो उन्हें (टीवीके प्रमुख विजय) वीडियो और समर्थन का मूल पत्र राज्यपाल को सौंपना चाहिए। एक फर्जी पत्र देना, यह क्या है।"
ये भी पढ़ें: Tamil Nadu: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तमिलनाडु में सरकार गठन का विवाद, याचिकाकर्ता ने राज्यपाल के फैसले पर उठाए सवाल
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टीवीके पर दबाव बनाने का आरोप
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके नेताओं का मानना था कि पत्र जमा करने के बाद वे विधायक पर समर्थन देने के लिए दबाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, "टीवीके ने सोचा कि यह एक अकेला विधायक है। पत्र देने के बाद वे उसे धमकाकर उसका समर्थन ले सकते हैं। यह तमिलनाडु का भाग्य है कि अगर वे (टीवीके) सत्ता में आए, तो राज्य को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।"
राज्यपाल और पुलिस से दर्ज कराई शिकायत
दिनाकरन ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले में राज्यपाल और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले शुक्रवार को दिनाकरन लोक भवन पहुंचे थे, ताकि राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को एक पत्र सौंपकर रिकॉर्ड को ठीक कर सकें। यह कदम एक फर्जी पत्र के वायरल होने के बाद उठाया गया था, जिसमें विजय की टीवीके के लिए एएमएमके के समर्थन का दावा किया गया था।
टीवीके ने वीडियो जारी कर किया दावे का खंडन
हालांकि, टीवीके ने फर्जी पत्र के दावे का खंडन किया। टीवीके ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि एएमएमके नेता कामराज ने सरकार बनाने के लिए पार्टी का समर्थन किया था। टीवीके ने दिनाकरन पर मामले से संबंधित तथ्यों को छिपाते हुए गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। वीडियो में टीवीके ने दावा किया कि यह एएमएमके विधायक कामराज की स्वेच्छा से और खुशी-खुशी तमिलगा वेत्री कषगम के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए एक पत्र लिखने की तस्वीरें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कामराज ने एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन के अनुमोदन से टीवीके को समर्थन देने की बात कही थी।
ये भी पढ़ें: आत्मदाह की कोशिश: शपथ में देरी पर TVK कार्यकर्ता ने खुद को लगाई आग, सरकार गठन पर आज शाम हो सकता है फैसला
दिनाकरन ने फिर दोहराया दावा
दिनाकरन ने इस बात पर जोर दिया कि एएमएमके के एकमात्र निर्वाचित विधायक कामराज एस, एनडीए और एआईएडीएमके के प्रति वफादार बने हुए हैं। दिनाकरन ने आधिकारिक तौर पर एआईएडीएमके के ई. के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन दिया था, उन्हें गठबंधन का 'सही उम्मीदवार' बताया।
अन्य वीडियो
दिनाकरन ने टीवीके प्रमुख विजय से राज्यपाल के सामने वीडियो और मूल पत्र पेश करने की मांग की है, ताकि वे अपने दावों को साबित कर सकें। उन्होंने कहा, "अगर यह सच है, तो उन्हें (टीवीके प्रमुख विजय) वीडियो और समर्थन का मूल पत्र राज्यपाल को सौंपना चाहिए। एक फर्जी पत्र देना, यह क्या है।"
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टीवीके पर दबाव बनाने का आरोप
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके नेताओं का मानना था कि पत्र जमा करने के बाद वे विधायक पर समर्थन देने के लिए दबाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, "टीवीके ने सोचा कि यह एक अकेला विधायक है। पत्र देने के बाद वे उसे धमकाकर उसका समर्थन ले सकते हैं। यह तमिलनाडु का भाग्य है कि अगर वे (टीवीके) सत्ता में आए, तो राज्य को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।"
राज्यपाल और पुलिस से दर्ज कराई शिकायत
दिनाकरन ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले में राज्यपाल और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले शुक्रवार को दिनाकरन लोक भवन पहुंचे थे, ताकि राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को एक पत्र सौंपकर रिकॉर्ड को ठीक कर सकें। यह कदम एक फर्जी पत्र के वायरल होने के बाद उठाया गया था, जिसमें विजय की टीवीके के लिए एएमएमके के समर्थन का दावा किया गया था।
टीवीके ने वीडियो जारी कर किया दावे का खंडन
हालांकि, टीवीके ने फर्जी पत्र के दावे का खंडन किया। टीवीके ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि एएमएमके नेता कामराज ने सरकार बनाने के लिए पार्टी का समर्थन किया था। टीवीके ने दिनाकरन पर मामले से संबंधित तथ्यों को छिपाते हुए गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। वीडियो में टीवीके ने दावा किया कि यह एएमएमके विधायक कामराज की स्वेच्छा से और खुशी-खुशी तमिलगा वेत्री कषगम के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए एक पत्र लिखने की तस्वीरें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कामराज ने एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन के अनुमोदन से टीवीके को समर्थन देने की बात कही थी।
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दिनाकरन ने फिर दोहराया दावा
दिनाकरन ने इस बात पर जोर दिया कि एएमएमके के एकमात्र निर्वाचित विधायक कामराज एस, एनडीए और एआईएडीएमके के प्रति वफादार बने हुए हैं। दिनाकरन ने आधिकारिक तौर पर एआईएडीएमके के ई. के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन दिया था, उन्हें गठबंधन का 'सही उम्मीदवार' बताया।
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