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Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे बोले- 'मराठी मानुष' की लड़ाई के लिए उनका और राज ठाकरे का साथ आना बहुत जरूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 20 Jul 2025 09:27 PM IST
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सार
Maharashtra Politics: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ आने पर उन्होंने कहा, 'मराठी मानूस' के लिए उनका और राज ठाकरे से साथ आना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्थानीय स्तर पर गठबंधन के फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे
- फोटो : ANI
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विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि 'मराठी भाषा' और 'मराठी मानूस' (मराठी लोगों) की लड़ाई के लिए उनका और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे का साथ आना ज़रूरी है।
सामना में खुलकर बोले उद्धव
उद्धव ठाकरे ने ये बातें शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' को दिए इंटरव्यू के दूसरे और अंतिम भाग में कहीं, जो रविवार को प्रकाशित हुआ। इंटरव्यू उन्होंने राज्यसभा सांसद और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिया। उन्होंने साफ कहा, 'मराठी भाषा और मराठी मानूस के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। अगर किसी को मेरे और राज के साथ आने से परेशानी है, तो वो उनकी समस्या है।'
यह भी पढ़ें - Maharashtra: 'एक कमरे में मौजूद थे लेकिन...'; आदित्य-फडणवीस की मुलाकात पर चल रही अटकलों पर राउत ने लगाया ब्रेक
मराठी एकता की जरूरत- उद्धव
जब उद्धव से पूछा गया कि क्या 'मराठी मानूस' को एक साथ आना चाहिए, तो उन्होंने कहा, 'हां, जरूर आना चाहिए। क्योंकि हम लड़ाई किसके लिए लड़ रहे हैं? मराठी मानूस के लिए।'
भाषा विवाद के बाद बढ़ी नजदीकियां
हाल ही में हिंदी भाषा को लेकर राज्य सरकार की तरफ से जारी दो विवादित सरकारी आदेशों को वापस लेने के बाद, उद्धव और राज ठाकरे ने एक साथ मंच साझा किया था। इसके बाद से दोनों चचेरे भाइयों के फिर से करीब आने की अटकलें तेज हो गई हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अब हम दोनों (राज और उद्धव) एक-दूसरे को कॉल कर सकते हैं, मिल सकते हैं और इसमें कोई परेशानी नहीं है। हम ठाकरे लोग सबसे खुलकर मिलते हैं।'
स्थानीय चुनावों में गठबंधन पर कांग्रेस को खुली छूट
स्थानीय निकाय चुनावों (जैसे मुंबई महानगरपालिका) को लेकर पूछे गए सवाल पर उद्धव ने कहा, 'कांग्रेस से इस विषय पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेंगे। अगर ऐसा है, तो ऐसा ही होगा।' शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) तीनों मिलकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा हैं। उद्धव ने कहा, 'हर पार्टी का स्थानीय स्तर पर संगठन होता है। एमवीए की पार्टियां जो राजनीतिक रूप से उचित समझेंगी, हम वही करेंगे।'
यह भी पढ़ें - Maharashtra: 'मैं रमी नहीं जानता, रोहित पवार खुद इसके आदी इसलिए..', मंत्री कोकाटे ने आरोपों पर किया पलटवार
मोहन भागवत के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
संघ प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से दिए गए एक बयान पर भी उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी। मोहन भागवत ने हाल ही में कहा था कि संघ विचारक मोरोपंत पिंगले का मानना था कि 75 की उम्र के बाद व्यक्ति को खुद पीछे हट जाना चाहिए और नए लोगों को मौका देना चाहिए। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। अब ये भाजपा का आंतरिक मामला है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। शायद उन्हें इसका जवाब मिल गया है, इसलिए भागवत ने ऐसा कहा।'
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उद्धव ठाकरे ने ये बातें शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' को दिए इंटरव्यू के दूसरे और अंतिम भाग में कहीं, जो रविवार को प्रकाशित हुआ। इंटरव्यू उन्होंने राज्यसभा सांसद और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिया। उन्होंने साफ कहा, 'मराठी भाषा और मराठी मानूस के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। अगर किसी को मेरे और राज के साथ आने से परेशानी है, तो वो उनकी समस्या है।'
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जब उद्धव से पूछा गया कि क्या 'मराठी मानूस' को एक साथ आना चाहिए, तो उन्होंने कहा, 'हां, जरूर आना चाहिए। क्योंकि हम लड़ाई किसके लिए लड़ रहे हैं? मराठी मानूस के लिए।'
भाषा विवाद के बाद बढ़ी नजदीकियां
हाल ही में हिंदी भाषा को लेकर राज्य सरकार की तरफ से जारी दो विवादित सरकारी आदेशों को वापस लेने के बाद, उद्धव और राज ठाकरे ने एक साथ मंच साझा किया था। इसके बाद से दोनों चचेरे भाइयों के फिर से करीब आने की अटकलें तेज हो गई हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अब हम दोनों (राज और उद्धव) एक-दूसरे को कॉल कर सकते हैं, मिल सकते हैं और इसमें कोई परेशानी नहीं है। हम ठाकरे लोग सबसे खुलकर मिलते हैं।'
स्थानीय चुनावों में गठबंधन पर कांग्रेस को खुली छूट
स्थानीय निकाय चुनावों (जैसे मुंबई महानगरपालिका) को लेकर पूछे गए सवाल पर उद्धव ने कहा, 'कांग्रेस से इस विषय पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेंगे। अगर ऐसा है, तो ऐसा ही होगा।' शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) तीनों मिलकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा हैं। उद्धव ने कहा, 'हर पार्टी का स्थानीय स्तर पर संगठन होता है। एमवीए की पार्टियां जो राजनीतिक रूप से उचित समझेंगी, हम वही करेंगे।'
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मोहन भागवत के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
संघ प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से दिए गए एक बयान पर भी उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी। मोहन भागवत ने हाल ही में कहा था कि संघ विचारक मोरोपंत पिंगले का मानना था कि 75 की उम्र के बाद व्यक्ति को खुद पीछे हट जाना चाहिए और नए लोगों को मौका देना चाहिए। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। अब ये भाजपा का आंतरिक मामला है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। शायद उन्हें इसका जवाब मिल गया है, इसलिए भागवत ने ऐसा कहा।'
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