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Court Cases: रिजिजू बोले- भारतीय अदालतों में करीब पांच करोड़ मामले लंबित, वकीलों की मोटी फीस पर जताई चिंता
Sat, 09 Jul 2022 10:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 09 Jul 2022 10:40 PM IST
सार
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में जजों पर दबाव का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि ब्रिटेन में जहां जज दिनभर में तीन से चार मामले पर ही फैसला सुनाते हैं। वहीं, भारत में जजों को 40-50 मामलों पर फैसला सुनाना पड़ता है।
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किरन रिजिजू
- फोटो : AmarUjala
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विस्तार
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को देशभर की अदालतों में लंबित मामलों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि देश भर की अदालतों में फिलहाल पांच करोड़ मामले लंबित हैं। यदि इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो यह संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ेगी।
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केंद्रीय मंत्री ने ये बातें महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू), औरंगाबाद में आयोजित पहले दीक्षांत समारोह में कहीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि आम जनता के लिए कानून पेशेवर सामर्थ्य से बाहर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में दुनिया भर के लोग जानते हैं। उन्होंने कहा, दो दिन पहले मैं लंदन में था, वहां मैं न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों से मिला। उनके मन में भारतीय न्याय प्रणाली के लिए बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का ब्रिटेन में उल्लेख किया जाता है। कानून मंत्री ने कहा कि यह स्थिति न्याय प्रदान में अक्षमता या सरकार से समर्थन में कमी के कारण पैदा नहीं हुई है। यदि कुछ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती ही जाएगी।
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उन्होंने कहा कि भारत में जजों पर दबाव का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि ब्रिटेन में जहां जज दिनभर में तीन से चार मामले पर ही फैसला सुनाते हैं। वहीं, भारत में जजों को 40-50 मामलों पर फैसला सुनाना पड़ता है। उन्होंने इस दौरान वकीलों की मोटी फीस पर भी चिंता जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में मध्यस्थता बिल को कुछ संशोधन के साथ लाया जाएगा।
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