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लोकसभा: सरकार ने एनपीआर अपडेट को लेकर दी जानकारी, कहा- प्रत्येक भारतीय कानूनी रूप से जनगणना प्रश्नों का उत्तर देने के लिए बाध्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 22 Mar 2022 04:56 PM IST
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सार
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में कहा कि जनगणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर की प्रक्रिया को सुचारू से चलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
लोकसभा
- फोटो : lok sabha tv
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विस्तार
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और जनगणना की प्रक्रिया को लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को सदन में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक जनगणना के सवालों का जवाब देने के लिए कानूनन बाध्य है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनगणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर की प्रक्रिया को सुचारू से चलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राज्य सरकारें जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत जनगणना कार्य में सहायता या निगरानी के लिए जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति करती हैं।
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गौरतलब है कि पूरे देश में जनगणना के लिए आवास की लिस्टिंग के चरण और एनपीआर को अपडेट करने की कवायद 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
पहले के शेड्यूल के मुताबिक बर्फ से ढके जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना की रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर, 2020 से लेकर 1 मार्च 2021 थी। उन्होंने बताया कि जनगणना का काम जारी है और सरकार ने अभी तक कोई नए निर्देश जारी नहीं किए हैं।
केंद्र सरकार किसानों को खाद उपलब्ध करवाती रहेगी : मंत्री
सरकार ने लोकसभा में बताया कि किसानों को खाद मुहैया होता रहेगा। दरअसल एक सदस्य ने सवाल उठाया था कि इस साल रूस और यूक्रेन से अमोनिया और पोटैशियम की कम आपूर्ति के कारण घरेलू पोषक फसलों की पैदावार कम हुई।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि मोदी सरकार ने खाद की कीमत बढ़ने और 1200 रुपये प्रति बैग होने के बावजूद किसानों को रियायती दर पर इसे उपलब्ध करवाया। सरकार ने किसानों को आधी कीमत 600 रुपये प्रति बैग उपलब्ध करवाया।