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Unmute Bharat: डिजिटल क्रांति ने काटी बिचौलियों की रस्सी, मौजूदा युग का आधार दूरसंचार: ज्योतिरादित्य सिंधिया

Rajkishor राजकिशोर
Updated Fri, 20 Mar 2026 07:00 AM IST
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सार

बीएसएनएल अब निजी क्षेत्र से डटकर मुकाबला करने को तैयार है। भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन चुका है, जिसके पास अपना स्वदेशी और आत्मनिर्भर 4G तकनीक का तंत्र है। ...दूरसंचार के क्षेत्र में हो रही इसी तरह की प्रगति को लेकर अमर उजाला ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से बातचीत की।

Unmute Bharat Jyotiraditya Scindia Digital revolution cut rope of middlemen telecom is basis of current era
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारतीय राजनीति में कुछ चेहरे विरासत के प्रतीक होते हैं और कुछ रफ्तार के, लेकिन बहुत कम ऐसे होते हैं, जो इन दोनों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। अमर उजाला डिजिटल के विशेष कार्यक्रम 'अनम्यूट भारत' में केंद्रीय दूरसंचार और उत्तरपूर्व मामलों मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डिजिटल इंडिया, वैश्विक कूटनीति और उत्तरपूर्व से लेकर  ग्वालियर के विकास पर बेबाकी से अपनी बात रखी। साथ ही, कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता की बेसब्री में वह देश को भी बदनाम करने से गुरेज नहीं कर रही।
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दिखने वाले और न दिखने वाले राजमार्ग का अंतर
सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे 100 साल पहले औद्योगिक क्रांति की नींव रेल और सड़क मार्ग थे, आज के युग का आधार दूरसंचार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक दशक पहले ही भांप लिया था कि आने वाला समय संचार और डिजिटाइजेशन का होगा। आज मोबाइल उपभोक्ता 90 करोड़ से बढ़कर 122 करोड़ हो चुके हैं। यह एक ऐसा अदृश्य राजमार्ग है, जिसने बिचौलियों की रस्सी काट दी है। अब दिल्ली से बटन दबता है और पैसा सीधे गरीब के खाते में पहुंचता है।
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कॉल ड्रॉप पर कड़ा प्रहार
कॉल ड्रॉप और सेवा की गुणवत्ता के सवाल पर सिंधिया ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के साथ मिलकर आठ कड़े मापदंड तय किए हैं। सरकार केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर निर्भर नहीं हैं। अप्रैल 2027 तक का एक खाका तैयार किया गया है, जिसके तहत हर छह महीने में इन नियमों को और कड़ा किया जाएगा। अगर वैश्विक स्तर पर दो प्रतिशत कॉल ड्रॉप का मानक है, तो हम इसे एक प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रख रहे हैं।

स्टारलिंक और बीएसएनएल
उपग्रह आधारित इंटरनेट और एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' की चर्चा पर सिंधिया ने स्पष्ट किया कि बतौर दूरसंचार मंत्री उनका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता को अधिक से अधिक विकल्प देना है। स्टारलिंक जैसी सेवाएं वर्तमान मोबाइल नेटवर्क की पूरक साबित होंगी। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएसएनएल पर अटूट विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि 3.26 लाख करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज के साथ यह कंपनी अब निजी क्षेत्र से डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार है। बकौल सिंधिया, अब भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन चुका है, जिसके पास अपना स्वदेशी और आत्मनिर्भर 4G तकनीक का तंत्र है। 1 लाख से अधिक टावरों के माध्यम से बीएसएनएल अब डिजिटल इंडिया की नई जीवनरेखा बन रहा है।

ग्वालियर का गौरव और विकास का संकल्प
अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि ग्वालियर पर भावुक होते हुए सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी रगों में बसने वाली साख है। उन्होंने क्षेत्र के औद्योगिक पिछड़ेपन के सवाल पर कहा कि बीते कुछ वर्षों में वहां मूलभूत ढांचा मजबूत करने और निवेश के लिए जो जमीन तैयार की गई है, उसके परिणाम अब दिखने लगे हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि ग्वालियर को विकास का एक ऐसा प्रतिमान बनाना है जो विरासत और आधुनिकता का सही संगम हो।

ईरान-अमेरिका संकट और भारत की बढ़ती साख
वैश्विक तनाव पर चर्चा करते हुए सिंधिया ने बताया कि आज दुनिया भारत की क्षमता का लोहा मान रही है। जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हम 20 हजार छात्रों को सुरक्षित लाए, वह प्रधानमंत्री का प्रभाव था। आज ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच घमासान है। समुद्र का वह संकरा रास्ता (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज), जो पूरी दुनिया की प्रगति के लिए रुकावट बन चुका है, वहां से भी भारत की आपूर्ति निर्बाध जारी है। ईरान ने भी भारत की बढ़ती साख को स्वीकार किया है।

देश को बदनाम कर रही है कांग्रेस
राजनीतिक चर्चा के दौरान सिंधिया ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का हक सरकार की आलोचना करना है, लेकिन देश को नीचा दिखाना नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नकारात्मक प्रवृत्ति के साथ देश की प्रगति को रोकने का निर्णय ले लिया है। प्रधानमंत्री पद से लेकर न्यायपालिका और चुनाव आयोग तक, ऐसी कोई संस्था नहीं बची जिसे कांग्रेस ने कलंकित करने की कोशिश न की हो। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता की चाह में कांग्रेस देश की साख को वैश्विक मंचों पर दांव पर लगा रही है।

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