मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर सियासी संग्राम: भाजपा ने आज प्रदर्शन का किया एलान, कांग्रेस ने दी सफाई
प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। जबकि कांग्रेस ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है।
विस्तार
पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता से जुड़ी टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इस बयान के खिलाफ आज देशभर में प्रदर्शन करने का एलान किया है। भाजपा की मांग है कि खरगे अपने बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगें। वहीं, कांग्रेस ने कहा है कि खरगे की टिप्पणी को पूरे संदर्भ में समझने की जरूरत है।
पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ?
यह पूरा विवाद बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में खरगे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसी बात का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, 'मोदी के बाप भी चले जाएंगे।' उनके इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताया और इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया।
भाजपा का देशभर में प्रदर्शन
खरगे की टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने सभी राज्यों में अपने पार्टी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। पार्टी ने राज्य इकाइयों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन नेताओं को बोलते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस ने शर्म की सारी हदें पार कर दीं! पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने मर्यादा तोड़ी, अब भूपेश बघेल उनके बयान का बचाव कर रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर अपमानजनक टिप्पणी करना ही कांग्रेस के संस्कार हैं? सवाल साफ हैं: • अपमानजनक भाषा को बोलने का तरीका बताकर बचाना कैसी राजनीति है? • मोदी जी के दिवंगत माता-पिता के अपमान का बचाव ही कांग्रेस की मर्यादा है? • क्या गांधी-नेहरू परिवार की चाटुकारिता में अब हर विवादित बयान का समर्थन जरूरी है? राजनीतिक विरोध कीजिए, लेकिन दिवंगत माता-पिता के सम्मान को अपनी घटिया राजनीति का हथियार मत बनाइए। देश सब देख रहा है। 140 करोड़ भारतीय अपने बुजुर्गों का अपमान करने वालों को कभी माफ़ नहीं करेंगे!
— BJP (@BJP4India) October 25, 2026
भाजपा ने मांगी बिना शर्त माफी
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर किसी के परिवार और दिवंगत परिजनों को निशाना बनाना गलत है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और अब उनके बयान का बचाव भी किया जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या राजनीतिक विरोध के लिए इस तरह की भाषा को सही ठहराया जा सकता है।
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को घेरा
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भी खरगे के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे शर्मनाक और घटिया टिप्पणी बताया। प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह लगातार चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
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कांग्रेस ने दी अपनी सफाई
दूसरी ओर, कांग्रेस ने खरगे के बयान को लेकर अपना पक्ष रखा है। पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि खड़गे को कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में खरगे के संबोधन से पहले कथित तौर पर हुए 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान का भी जिक्र किया। खेड़ा के मुताबिक, बिहार के कार्यक्रम में भी एक भाजपा समर्थक ने खरगे के भाषण के दौरान टिप्पणी की थी कि उनके पिता भी आ जाएं, तब भी मोदी नहीं हारेंगे। कांग्रेस का कहना है कि खरगे ने इसी टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी थी। खेड़ा ने यह भी कहा कि खरगे का निशाना केवल मोदी नहीं, बल्कि उनकी विचारधारा और RSS भी था।