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US-Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम में जीत किसकी? पूर्व राजनयिक बोले- युद्ध का कोई विजेता नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivam Garg Updated Thu, 09 Apr 2026 08:48 AM IST
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सार

पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम को लेकर कहा है कि ऐसे समझौतों में सभी पक्ष जीत का दावा करते हैं। उन्होंने इस युद्ध विराम के बाद की स्थिति और विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया है।

US-Iran Ceasefire: Former Diplomat Ashok Sajjanhar on Tentative Agreement All Parties Claim Victory
अशोक सज्जनहार, पूर्व राजनयिक - फोटो : ANI
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विस्तार

पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ऐसे किसी भी अस्थायी समझौते की स्थिति में, सभी पक्ष अपनी जीत का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध विराम में भी यही देखने को मिला है, जहां ईरान, अमेरिका और यहां तक कि इस्राइल भी अपनी जीत का दावा कर रहा है, जबकि वास्तव में युद्ध का कोई स्पष्ट विजेता नहीं है।

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एएनआई से बात करते हुए सज्जनहार ने कहा 'जब भी कोई अस्थायी समझौता होता है, तो सभी पक्ष यह दावा करते हैं कि उन्होंने जीत हासिल की है। ईरान दावा करेगा कि वह जीता है। संयुक्त राज्य अमेरिका को यह दावा करना होगा कि वह जीता है, और इस्राइल भी यही कहेगा।'

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उन्होंने आगे कहा शामिल सभी पक्ष निश्चित रूप से यह कहेंगे कि वे जीते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय, पर्यवेक्षकों, विश्लेषकों और टिप्पणीकारों के लिए यह देखना बाकी है कि वास्तव में स्थिति क्या है। जहां तक युद्धों का सवाल है, उनमें कोई विजेता नहीं होता।

नेपाल ने किया स्वागत, कूटनीति पर जोर
इस बीच, नेपाल ने दो-सप्ताह के युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है। नेपाल सरकार ने इसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक रचनात्मक कदम बताया है और बातचीत, कूटनीति तथा मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अवसर प्रदान करने वाला बताया है।

नेपाल सरकार ने एक बयान में कहा नेपाल इस विकास को क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखता है, साथ ही विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में अपने निरंतर रुख को दोहराता है। सरकार संघर्ष के मानवीय परिणामों पर भी चिंता व्यक्त करती है और नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देती है।

वार्ता पर भी मंडरा रहा संकट
दूसरी ओर, लेबनान में इस्राइल के निरंतर सैन्य अभियान ने अस्थायी युद्ध विराम को खतरे में डाल दिया है। ईरान ने अमेरिका-इस्राइल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने इस सप्ताह के अंत में इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से बाहर निकलने की धमकी भी दी है।

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, जो इस्लामाबाद में बातचीत के लिए तेहरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, ने इस्राइल पर उस 10-सूत्रीय प्रस्ताव के तीन प्रमुख खंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है जिस पर आगे की बातचीत शुरू करने के लिए अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति हुई थी। गालिबफ द्वारा अमेरिका-ईरान पर उल्लंघन के आरोप वाले तीन खंडों में लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन, ईरानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और ईरान के परमाणु संवर्धन के अधिकार से इनकार शामिल है।

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