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स्वास्थ्य: टॉयलेट में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, इस रोग का बढ़ जाता है खतरा; शोध में खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 26 Feb 2026 05:49 AM IST
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सार
स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें कैसे बचें...
टॉयलेट में मोबाइल का मोह
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
स्मार्टफोन आज हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लोग उठते-बैठते, खाते-पीते और यहां तक कि बाथरूम में भी फोन का उपयोग करने लगे हैं। टॉयलेट पर बैठकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या खबरें पढ़ना भले ही आम आदत बन गई हो, लेकिन अब यह आदत स्वास्थ्य के लिए खतरा साबित हो सकती है।
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अमेरिका के बेथ इस्राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं के नए अध्ययन में सामने आया है कि टॉयलेट पर बैठकर स्मार्टफोन का उपयोग करने वालों में बवासीर (पाइल्स) होने का खतरा फोन न इस्तेमाल करने वालों की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। यह अध्ययन हाल ही में वैज्ञानिक जर्नल प्लोस वन में प्रकाशित हुआ है। बवासीर, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हेमोरॉयड्स कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा या मलाशय की नसें सूज जाती हैं। इससे दर्द, जलन और कई मामलों में रक्तस्राव भी हो सकता है।
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चिकित्सकीय रूप से लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहना बवासीर के प्रमुख जोखिम कारकों में माना जाता है, क्योंकि इससे गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। इस शोध में 125 वयस्कों को शामिल किया गया, जो नियमित जांच के तहत कोलोनोस्कोपी करवाने आए थे।
अनजाने में बिता देते हैं ज्यादा समय
शोधकर्ताओं के अनुसार जब लोग टॉयलेट पर बैठकर सोशल मीडिया, समाचार या वीडियो देखने लगते हैं, तो उन्हें समय का अहसास नहीं रहता। इस कारण वे अनजाने में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। अधिक देर तक बैठने से गुदा और मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सूजन की आशंका बढ़ जाती है। दिलचस्प रूप से इस अध्ययन में जोर लगाने और बवासीर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया। इससे संकेत मिलता है कि केवल दबाव डालना ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक बैठे रहना भी बवासीर के खतरे को बढ़ाने वाला अहम कारण हो सकता है।
कैसे बरती जाए सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि टॉयलेट पर केवल उतना ही समय बिताना चाहिए जितना वास्तव में आवश्यक हो। यदि मल त्याग में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि वजह शारीरिक है या आप केवल फोन में व्यस्त हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ फाइबर युक्त आहार लेने, पर्याप्त पानी पीने और नियमित व्यायाम करने की भी सलाह देते हैं। इसके साथ ही बाथरूम में स्मार्टफोन ले जाने की आदत छोड़ना एक छोटा लेकिन प्रभावी कदम हो सकता है। स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन हर जगह और हर समय इसका इस्तेमाल करना जरूरी नहीं। टॉयलेट पर बैठकर फोन चलाने की आदत भले ही मामूली लगे, लेकिन यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।
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