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VHP: जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखा पत्र, भड़का विहिप; कहा- हिंदुओं के उत्पीड़न पर क्यों नहीं बोलते
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:26 PM IST
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सार
VHP: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की ओर से जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को पत्र लिखे जाने पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बांग्लादेश, पाकिस्तान अफगानिस्तान में हिंदुओं का उत्पीड़न होता है, तो अमेरिकी कानून निर्माता चुप्पी साध लेते हैं।
विनोद बंसल
- फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और दिल्ली दंगों के मामले में आरोप उमर खालिद को न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी ने पत्र लिखा है। इसके लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने पलटवार किया है। वहीं पूर्व कूटनीतिज्ञ केपी फेबियन ने भी इस प्रतिक्रिया दी है।
वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, ताज्जुब होता है कि अभी-अभी नए मेयर बने हैं। मेयर न्यूयॉर्क के बने हैं और निष्पक्ष मुकदमे के लिए भारत को बोल रहे हैं। अमेरिका में जो नस्लवाद चल रहा है, उस पर कहा होता तो समझ में आता। ये जो कानून निर्माता हैं.. जब वहां पर हमारे मंदिरों पर हमले होते हैं, तब ये चुप्पी साध जाते हैं। आखिरकार ये कानून निर्माता तब क्यों नहीं बोलते, जब बांग्लादेश, पाकिस्तान अफगानिस्तान में हिंदुओं का उत्पीड़न होता है। आप समझिए अफगानिस्तान में हम (हिंदू समुदाय) लगभग शून्य (आबादी) पर आ गए। पाकिस्तान के अंदर एक फीसदी रह गए। बांग्लादेश के अंदर 37 फीसदी थे, अब सात फीसदी पर आ गए। लेकिन इनमें कोई सीनेटर बोला है क्या? ममदानी खुद को भारतीय मूल का बताते हैं, लेकिन इनका कैसा मूल है, यह उनके पहले बयान से ही पता लग रहा है।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक चुनाव आयोग के सर्वे में ईवीएम हुई पास, BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना; कहा- ये करारा तमाचा..
'भारत के कानून में दखल देने का अधिकार नहीं'
बंसल ने आगे कहा, भारत की न्याय व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है, भारत का लोकतंत्र इतना जबरदस्त है कि इसकी बराबरी अमेरिका भी नहीं कर पाएगा। इसीलिए इसे लोकतंत्र की मां कहा जाता है। शरजील इमाम, उमर खालिद..इस तरह के आतंकी मानसिकता के जो लोग हैं, उनको इसलिए बचाना चाहते हो कि वे मुसलमान हैं? कम से कम न्यूयॉर्क के मेयर को ऐसा तो नहीं सोचना चाहिए। जो अपने आपको कानून निर्माता कहते हैं, उनको भारत के कानून के अंदर दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उनको अपनी अंतरात्मा में झांकना चाहिए। भारत में निष्पक्ष मुकदमेबाजी पूरी दुनिया के अंदर प्रसिद्ध है। देखिए जो आतंकी हैं, अलगाववादी हैं...भारत तेरे टुकड़े होंगे-इंशाल्लाह इंशाल्लाह..इस तरह के नारे लगाने वाले हैं, दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने वाले हैं, दर्जनों लोगों को मरवाने वाले हैं..उनकी आप पैरवी कर रहे हैं? पत्र लिख रहे हैं? शर्म आनी चाहिए।
ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी के अमित शाह को धमकी देने का मामला गरमाया, मिथुन चक्रवर्ती ने सीएम पर बोला तीखा हमला
हमारे अंदरूनी मामलों में भी रुचि ले सकते हैं विदेशी: केपी फेबियन
वहीं, पूर्व कूटनीतिक केपी फेबियन ने कहा, बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, एक हिंदू पर हमला हुआ, वह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है। लेकिन हम चिंतित हैं। इसलिए, आपका यह मानना कि कुछ चीजें आंतरिक होती हैं, इसलिए विदेशी उनमें रुचि नहीं ले सकते, गलत है, क्योंकि हम अलग तरह से व्यवहार करते हैं। वह (जोहरान ममदानी) इसमें रुचि क्यों नहीं ले सकते? भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इसलिए भारत में जो कुछ भी होता है, वह बाकि दुनिया के लिए रुचिकर है।
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'भारत के कानून में दखल देने का अधिकार नहीं'
बंसल ने आगे कहा, भारत की न्याय व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है, भारत का लोकतंत्र इतना जबरदस्त है कि इसकी बराबरी अमेरिका भी नहीं कर पाएगा। इसीलिए इसे लोकतंत्र की मां कहा जाता है। शरजील इमाम, उमर खालिद..इस तरह के आतंकी मानसिकता के जो लोग हैं, उनको इसलिए बचाना चाहते हो कि वे मुसलमान हैं? कम से कम न्यूयॉर्क के मेयर को ऐसा तो नहीं सोचना चाहिए। जो अपने आपको कानून निर्माता कहते हैं, उनको भारत के कानून के अंदर दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उनको अपनी अंतरात्मा में झांकना चाहिए। भारत में निष्पक्ष मुकदमेबाजी पूरी दुनिया के अंदर प्रसिद्ध है। देखिए जो आतंकी हैं, अलगाववादी हैं...भारत तेरे टुकड़े होंगे-इंशाल्लाह इंशाल्लाह..इस तरह के नारे लगाने वाले हैं, दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने वाले हैं, दर्जनों लोगों को मरवाने वाले हैं..उनकी आप पैरवी कर रहे हैं? पत्र लिख रहे हैं? शर्म आनी चाहिए।
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वहीं, पूर्व कूटनीतिक केपी फेबियन ने कहा, बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, एक हिंदू पर हमला हुआ, वह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है। लेकिन हम चिंतित हैं। इसलिए, आपका यह मानना कि कुछ चीजें आंतरिक होती हैं, इसलिए विदेशी उनमें रुचि नहीं ले सकते, गलत है, क्योंकि हम अलग तरह से व्यवहार करते हैं। वह (जोहरान ममदानी) इसमें रुचि क्यों नहीं ले सकते? भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इसलिए भारत में जो कुछ भी होता है, वह बाकि दुनिया के लिए रुचिकर है।