फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   vhp opposes durga idol distortion traditional puja rules kolkata

कोलकाता की दुर्गा पूजा पर बहस: वीएचपी की अपील- थीम के नाम पर न हो मूर्तियों से छेड़छाड़, क्या मानेंगे आयोजक?

Thu, 27 Aug 2026 05:17 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 27 Aug 2026 05:17 PM IST
सार

दुर्गा पूजा से पहले प्रतिमाओं के स्वरूप और पंडालों की व्यवस्था पर बहस शुरू हो गई है। वीएचपी ने परंपराओं के पालन पर जोर दिया है। अब देखना होगा कि पूजा समितियां इन सुझावों को किस तरह अपनाती हैं।
 

विज्ञापन
vhp opposes durga idol distortion traditional puja rules kolkata
वीएचपी ( प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व हिंदू परिषद ने दुर्गा पूजा को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं। संगठन ने कहा है कि विषयों के नाम पर देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का स्वरूप नहीं बदला जाना चाहिए। वीएचपी ने पूजा आयोजकों से पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि 10 दिनों के इस उत्सव में धार्मिक पवित्रता बनी रहनी चाहिए।
विज्ञापन


पंडाल के भीतर मांसाहारी भोजन पर रोक की मांग
वीएचपी ने सामुदायिक पूजा समितियों से एक और अपील की है। संगठन ने कहा कि पंडाल के भीतर मांसाहारी भोजन पर सख्त रोक होनी चाहिए। हालांकि, पंडाल के बाहर या उसके आसपास मांसाहारी भोजन के ठेले लगाने पर संगठन ने कोई आपत्ति नहीं जताई है।
विज्ञापन


पांच खास बातें
  • दुर्गा प्रतिमाओं का स्वरूप शास्त्रीय वर्णन के अनुसार रखने की अपील।
  • अधूरी प्रतिमाओं की तस्वीरें लेने से बचने को कहा गया।
  • पंडालों के भीतर मांसाहारी भोजन पर रोक की मांग की गई।
  • परंपरा के अनुसार पूजा करने वाली समितियों को विशेष गैर-नकद सम्मान मिलेगा।
  • कोलकाता और आसपास दुर्गोत्सव मंच से दस हजार से ज्यादा पूजा समितियां जुड़ी हैं।

आयोजकों और पुरोहितों के साथ बैठक
वीएचपी ने बुधवार को साल्ट लेक स्थित पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र में बैठक की। इसमें बड़े पूजा आयोजक और पुरोहित शामिल हुए। संगठन के राज्य पदाधिकारी स्वरूप चटर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा की धार्मिक गरिमा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूजा सनातनी परंपराओं के अनुसार होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: बरेली: महापौर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में भारी भीड़ से फैली अव्यवस्था, कई महिलाएं और बच्चे हुए बेहोश


पुराने विषयों पर भी उठाए सवाल
वीएचपी ने पिछली कुछ दुर्गा पूजाओं के विषयों की आलोचना भी की। संगठन ने कहा कि कुछ जगह देवी की प्रतिमा को विधवा के रूप में दिखाया गया। कुछ प्रतिमाओं का स्वरूप भी बदला गया। पंडालों की सजावट में जूते और टूटे शीशों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई। वीएचपी ने कहा कि देवी दुर्गा और असुर का स्वरूप शास्त्रीय वर्णन के अनुसार होना चाहिए।

आयोजकों ने कहा, सुझावों पर करेंगे विचार
दुर्गोत्सव मंच के पदाधिकारी अंजन उकिल ने कहा कि ज्यादातर पूजा समितियां पहले से ही सही धार्मिक विधियों का पालन करती हैं। उन्होंने कहा कि वीएचपी के सुझावों को मंच की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद उन पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed