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23 साल में देश को मिले छह उपराष्ट्रपति: बीते पांच चुनावों में किसे-कैसे मिला बहुमत, क्या रहे जीत-हार के आंकड़े
Tue, 09 Sep 2025 08:32 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 09 Sep 2025 08:32 PM IST
सार
यह जानना अहम है कि आखिर भारत में पिछले पांच उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या नतीजे रहे हैं? इनमें किस उम्मीदवार के पक्ष में कितनी वोटिंग हुई और जीत-हार का अंतर कितना रहा? आइये जानते हैं...
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भारत के उपराष्ट्रपति।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत के अगले उपराष्ट्रपति का एलान हो गया है। एनडीए के सीपी राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को हरा दिया। एक तरह से देखा जाए तो यह सत्तासीन पार्टी और विपक्ष के बीच ज्यादा से ज्यादा संख्याबल को अपनी तरफ साबित करने की होड़ की तरह देखा जा रहा था। इसमें एनडीए को सीधी बढ़त मिली, जबकि इंडिया गठबंधन कई राज्यों में विपक्ष को साथ लाने में सफल नहीं हो पाया।
कुछ ऐसा ही आलम 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान देखा गया था, जब एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने इंडिया गठबंधन की तरफ से उतारी गईं मार्गरेट अल्वा को पराजित कर दिया था। अब एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और इंडिया के बी. सुदर्शन रेड्डी की जंग को भी कुछ इसी तरह देखा जा रहा है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत में पिछले पांच उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या नतीजे रहे हैं? इनमें किस उम्मीदवार के पक्ष में कितनी वोटिंग हुई और जीत-हार का अंतर कितना रहा? आइये जानते हैं...
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VP Poll: सीपी राधाकृष्णन निर्वाचित हुए देश के नए उपराष्ट्रपति, सुदर्शन रेड्डी को हराया; जानें कितने वोट मिले
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कुछ ऐसा ही आलम 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान देखा गया था, जब एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने इंडिया गठबंधन की तरफ से उतारी गईं मार्गरेट अल्वा को पराजित कर दिया था। अब एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और इंडिया के बी. सुदर्शन रेड्डी की जंग को भी कुछ इसी तरह देखा जा रहा है।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत में पिछले पांच उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या नतीजे रहे हैं? इनमें किस उम्मीदवार के पक्ष में कितनी वोटिंग हुई और जीत-हार का अंतर कितना रहा? आइये जानते हैं...
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VP Poll: सीपी राधाकृष्णन निर्वाचित हुए देश के नए उपराष्ट्रपति, सुदर्शन रेड्डी को हराया; जानें कितने वोट मिले
2002: जब भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे को हराया
2002 के उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की तरफ से भाजपा नेता भैरों सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्होंने कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे को हरा दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि शेखावत को करीब 60 फीसदी वोट मिले थे, इसके बावजूद यह उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी भी जीतने वाले नेता को मिला सबसे कम वोट प्रतिशत था।
इस चुनाव में भी कुछ पार्टियों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इनमें तृणमूल कांग्रेस के 10 सांसद शामिल रहे थे। कुल 22 सांसदों ने इस चुनाव में वोट नहीं किया था।
2002 के उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की तरफ से भाजपा नेता भैरों सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्होंने कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे को हरा दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि शेखावत को करीब 60 फीसदी वोट मिले थे, इसके बावजूद यह उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी भी जीतने वाले नेता को मिला सबसे कम वोट प्रतिशत था।
इस चुनाव में भी कुछ पार्टियों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इनमें तृणमूल कांग्रेस के 10 सांसद शामिल रहे थे। कुल 22 सांसदों ने इस चुनाव में वोट नहीं किया था।
2007: कांग्रेस ने हामिद अंसारी को बनवाया उपराष्ट्रपति
2007 के उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस की तरफ से उतरे मोहम्मद हामिद अंसारी ने भाजपा उम्मीदवार नजमा हेपतुल्ला को शिकस्त दी थी। तब चुनाव के वक्त दोनों सदनों में कुल संख्याबल 783 रहा था।
2007 के उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस की तरफ से उतरे मोहम्मद हामिद अंसारी ने भाजपा उम्मीदवार नजमा हेपतुल्ला को शिकस्त दी थी। तब चुनाव के वक्त दोनों सदनों में कुल संख्याबल 783 रहा था।
2012: हामिद अंसारी ने जीता लगातार दूसरा चुनाव
हामिद अंसारी 1957 के बाद पहले उपराष्ट्रपति थे, जो कि इस पद पर लगातार दो बार चुने गए। उनसे पहले सिर्फ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ही दो बार उपराष्ट्रपति रहे थे। जहां अंसारी को यूपीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से लेकर द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) शामिल थीं। इसके अलावा सपा, राजद और बसपा ने भी अंसारी का ही समर्थन किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चुनाव में 54 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
हामिद अंसारी 1957 के बाद पहले उपराष्ट्रपति थे, जो कि इस पद पर लगातार दो बार चुने गए। उनसे पहले सिर्फ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ही दो बार उपराष्ट्रपति रहे थे। जहां अंसारी को यूपीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से लेकर द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) शामिल थीं। इसके अलावा सपा, राजद और बसपा ने भी अंसारी का ही समर्थन किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चुनाव में 54 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
2017: यूपीए ने उतारा निर्दलीय प्रत्याशी, एनडीए के नायडू ने हराया
एनडीए की तरफ से 2017 में वेंकैया नायडू को उतारा गया था। उन्होंने इस मुकाबले को एकतरफा तौर पर जीता था। कुल 771 वोट पड़े थे, जिनमें 11 अवैध करार दिए गए। इसके अलावा 14 सांसदों ने वोट नहीं किया था। इसके बावजूद नायडू को करीब दो-तिहाई सांसदों का समर्थन मिला। मजेदार बात यह है कि इस चुनाव में विपक्ष के 19 सांसदों के वोट भी नायडू के समर्थन में पड़े थे।
एनडीए की तरफ से 2017 में वेंकैया नायडू को उतारा गया था। उन्होंने इस मुकाबले को एकतरफा तौर पर जीता था। कुल 771 वोट पड़े थे, जिनमें 11 अवैध करार दिए गए। इसके अलावा 14 सांसदों ने वोट नहीं किया था। इसके बावजूद नायडू को करीब दो-तिहाई सांसदों का समर्थन मिला। मजेदार बात यह है कि इस चुनाव में विपक्ष के 19 सांसदों के वोट भी नायडू के समर्थन में पड़े थे।
2022: जगदीप धनखड़ ने मार्गरेट अल्वा को हराया
उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए पिछले चुनाव में जगदीप धनखड़ को बड़ी जीत मिली थी। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने शामिल न होने की बात कही थी, इसके बावजूद उसके दो सांसदों ने वोट किए थे। कुल 55 सांसदों ने चुनाव में वोट नहीं किया, जबकि 15 वोट अवैध हो गए थे।
उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए पिछले चुनाव में जगदीप धनखड़ को बड़ी जीत मिली थी। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने शामिल न होने की बात कही थी, इसके बावजूद उसके दो सांसदों ने वोट किए थे। कुल 55 सांसदों ने चुनाव में वोट नहीं किया, जबकि 15 वोट अवैध हो गए थे।
2025: सीपी राधाकृष्णन को मिली जीत
एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। आज हुए मतदान में सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस चुनाव में बीजद और बीआरएस जैसे दल पहले ही मतदान में हिस्सा न लेने की बात कह चुके थे। उधर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) भी किसी के पक्ष में वोट न करने का एलान कर चुका था। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल होने के बावजूद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने एनडीए को समर्थन देने का एलान किया।
एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। आज हुए मतदान में सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस चुनाव में बीजद और बीआरएस जैसे दल पहले ही मतदान में हिस्सा न लेने की बात कह चुके थे। उधर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) भी किसी के पक्ष में वोट न करने का एलान कर चुका था। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल होने के बावजूद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने एनडीए को समर्थन देने का एलान किया।