{"_id":"68c04a7e3be83c19750418df","slug":"vice-presidential-election-jagdeep-dhankhar-congratulate-cp-radhakrishnan-won-say-your-experience-give-heights-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपराष्ट्रपति चुनाव: जगदीप धनखड़ ने सीपी राधाकृष्णन की जीत पर दी बधाई, कहा- आपके अनुभव से पद को नई ऊंचाई मिलेगी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
उपराष्ट्रपति चुनाव: जगदीप धनखड़ ने सीपी राधाकृष्णन की जीत पर दी बधाई, कहा- आपके अनुभव से पद को नई ऊंचाई मिलेगी
Tue, 09 Sep 2025 09:11 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 09 Sep 2025 09:11 PM IST
सार
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति चुन लिए गए। उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके अनुभव से उपराष्ट्रपति का पद और ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
विज्ञापन
जगदीप धनखड़ ने सीपी राधाकृष्णन की जीत पर दी बधाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने एनडीए उम्मीदवार के रूप में 452 वोट हासिल किए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस जीत के बाद देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं।
इसी बीच पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अपने उत्तराधिकारी को पत्र लिखकर बधाई दी। यह उनका जुलाई में पद छोड़ने के बाद पहला सार्वजनिक बयान था। धनखड़ ने लिखा कि राधाकृष्णन का इस उच्च पद पर पहुंचना जनप्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके विशाल अनुभव के कारण उपराष्ट्रपति का पद और अधिक सम्मान और गरिमा हासिल करेगा।
पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं
धनखड़ ने अपने संदेश में उम्मीद जताई कि राधाकृष्णन के नेतृत्व में उपराष्ट्रपति का कार्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा और लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। उन्होंने उन्हें सफल कार्यकाल और देश की सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
ये भी पढ़ें- 23 साल में देश को मिले छह उपराष्ट्रपति: बीते पांच चुनावों में किसे-कैसे मिला बहुमत, क्या रहे जीत-हार के आंकड़े?
गौरतलब है कि धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने देश में नई उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया को जन्म दिया। अब राधाकृष्णन की जीत से न केवल सत्ताधारी गठबंधन को मजबूती मिली है बल्कि देश को एक अनुभवी और सशक्त उपराष्ट्रपति भी मिल गया है।
चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए थे। इनमें से 752 वोट वैध पाए गए, जबकि 15 वोट अमान्य घोषित किए गए। राधाकृष्णन की जीत ने न केवल एनडीए को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
ये भी पढ़ें- प्रधानमंत्री मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को दी बधाई, कहा- वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे
इस चुनावी प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही राधाकृष्णन अब उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और राज्यसभा के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के उम्मीदवार रेड्डी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। नतीजों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एनडीए फिलहाल संसद में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
विज्ञापन
इसी बीच पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अपने उत्तराधिकारी को पत्र लिखकर बधाई दी। यह उनका जुलाई में पद छोड़ने के बाद पहला सार्वजनिक बयान था। धनखड़ ने लिखा कि राधाकृष्णन का इस उच्च पद पर पहुंचना जनप्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके विशाल अनुभव के कारण उपराष्ट्रपति का पद और अधिक सम्मान और गरिमा हासिल करेगा।
विज्ञापन
Former Vice President Jagdeep Dhankhar greets his successor CP Radhakrishnan. pic.twitter.com/m6WorHvNWJ
विज्ञापन विज्ञापन— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2025
पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं
धनखड़ ने अपने संदेश में उम्मीद जताई कि राधाकृष्णन के नेतृत्व में उपराष्ट्रपति का कार्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा और लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। उन्होंने उन्हें सफल कार्यकाल और देश की सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
ये भी पढ़ें- 23 साल में देश को मिले छह उपराष्ट्रपति: बीते पांच चुनावों में किसे-कैसे मिला बहुमत, क्या रहे जीत-हार के आंकड़े?
गौरतलब है कि धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने देश में नई उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया को जन्म दिया। अब राधाकृष्णन की जीत से न केवल सत्ताधारी गठबंधन को मजबूती मिली है बल्कि देश को एक अनुभवी और सशक्त उपराष्ट्रपति भी मिल गया है।
चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए थे। इनमें से 752 वोट वैध पाए गए, जबकि 15 वोट अमान्य घोषित किए गए। राधाकृष्णन की जीत ने न केवल एनडीए को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
ये भी पढ़ें- प्रधानमंत्री मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को दी बधाई, कहा- वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे
इस चुनावी प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही राधाकृष्णन अब उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और राज्यसभा के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के उम्मीदवार रेड्डी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। नतीजों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एनडीए फिलहाल संसद में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।