Weather: सूखी सर्दी के बाद बदलेगा पहाड़ों पर मौसम, इस दिन से बारिश-बर्फबारी के आसार; इन राज्यों में बढ़ेगी ठंड
एक पश्चिमी विक्षोभ ने पहले ही पहाड़ों की ओर रुख कर लिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम करवट लेने लगा है। करीब 12 हजार फीट से अधिक ऊंचे क्षेत्रों में जल्द ही बारिश और बर्फबारी शुरू होने के आसार हैं।
विस्तार
लंबे समय से रूखी और खामोश पड़ी पहाड़ियों में अब मौसम की धड़कन लौटने वाली है। ठंडी हवा में नमी की खुशबू घुलने लगी है और आसमान जैसे कोई रंगीन कहानी लिखने की तैयारी में है। इस शीत ऋतु में उत्तरी पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी की भारी कमी ने सर्दियों को फीका बना दिया था। दिसंबर लगभग सूखा गुजर गया। लेकिन अब तस्वीर बदलने के संकेत साफ हैं। अगले सप्ताह से मौसम सक्रिय होने लगेगा और वीकेंड के आसपास पहाड़ों पर भारी बर्फबारी की उम्मीद है, जिससे लंबे सूखे की मार कुछ हद तक कम होगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 22 या 23 जनवरी से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश-बर्फबारी का असर बढ़ता जाएगा। यह सिलसिला गणतंत्र दिवस 2026 के आसपास अपने चरम पर पहुंच सकता है।
दरअसल,एक पश्चिमी विक्षोभ ने पहले ही पहाड़ों की ओर रुख कर लिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम करवट लेने लगा है। करीब 12 हजार फीट से अधिक ऊंचे क्षेत्रों में जल्द ही बारिश और बर्फबारी शुरू होने के आसार हैं। इसके साथ ही निचले पहाड़ी इलाकों, कश्मीर घाटी और तराई क्षेत्रों में भी बादलों की चादर फैल चुकी है। जबकि राजस्थान के मध्य हिस्सों के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ और इस चक्रवाती सिस्टम के संयुक्त असर से मौसम गतिविधियां और तेज होंगी तथा इनका दायरा भी लगातार बढ़ता जाएगा।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, 22 या 23 जनवरी से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने के संकेत हैं। जैसे जैसे दिन आगे बढ़ेंगे, मौसम गतिविधियों की तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ते जाएंगे। इसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से होगी। जहां 22 या 23 से असर दिखने लगेगा। अगले 4 से 5 दिनों में यह सिस्टम लगातार फैलता रहेगा और 24 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के सभी पर्वतीय राज्यों को एक साथ कठोर मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि,इस शीत ऋतु में उत्तरी पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी की भारी कमी बनी हुई है। दिसंबर महीना लगभग पूरी तरह सूखा गुजर गया हैं। जिससे पहाड़ी इलाकों में मौसमी घाटा 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में भी हालात नहीं सुधरे और कई क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी 95 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। हालांकि अब मौसम के तेवर बदलते नजर आ रहे हैं। अगले सप्ताह से करीब एक हफ्ते तक सक्रिय मौसम गतिविधियां बनी रह सकती हैं। अनुमान है कि वीकेंड के आसपास पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी, जिससे लंबे समय से चले आ रहे सूखे के असर में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
वही,भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि 22 से 24 जनवरी के बीच उत्तर पश्चिमी भारत के आसपास के मैदानी इलाकों में भी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अगले 2 से 3 दिन तक उत्तर पश्चिमी भारत और बिहार में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पश्चिमी हिमालय में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे 23 जनवरी तक जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में भारी वर्षा के साथ बर्फबारी होने के भी आसार हैं। इन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों पर पड़ेगा। इन राज्यों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस हफ्ते इन राज्यों में ठिठुरन और गलन बढ़ सकती है।