Congress: नाथूराम गोडसे RSS के सक्रिय कार्यकर्ता थे? सावरकर के परपोते के बयान पर कांग्रेस ने संघ से मांगा जवाब
सत्यकी सावरकर के अदालत में दिए बयान से नाथूराम गोडसे और आरएसएस के संबंध को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। उन्होंने गोडसे बंधुओं को आरएसएस का सक्रिय कार्यकर्ता बताया। इसके बाद कांग्रेस ने संघ से स्पष्टीकरण मांगा और सरदार पटेल के पुराने पत्र का हवाला दिया।
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मुंबई में कांग्रेस ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से स्पष्टीकरण की मांग की। यह मांग वी.डी. सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर के उस बयान के बाद उठी, जो उन्होंने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत की सुनवाई के दौरान अदालत में दिया। बचाव पक्ष के वकील की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में सत्यकी सावरकर ने कहा कि उनके नाना नाथूराम गोडसे और उनके भाई गोपाल गोडसे आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे।
कांग्रेस ने RSS से पूछा कि गोडसे से रिश्ते पर पहले क्या कहा गया था?
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महात्मा गांधी की जनवरी 1948 में हत्या के बाद से आरएसएस यह कहता रहा है कि गोडसे बंधुओं का संगठन से कोई संबंध नहीं था। सावंत ने कहा कि अब इस बयान के बाद आरएसएस को जवाब देना चाहिए कि क्या उसने लोगों से झूठ बोला था। उन्होंने संघ से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
कांग्रेस ने सरदार पटेल के पुराने पत्र का भी दिया हवाला
सचिन सावंत ने 11 सितंबर 1948 को तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की ओर से आरएसएस प्रमुख एमएस गोलवलकर को लिखे पत्र का भी उल्लेख किया। सावंत के अनुसार, इस पत्र में पटेल ने कहा था कि गांधी की हत्या के बाद आरएसएस के सदस्यों की ओर से 'खुशी व्यक्त करने और मिठाइयां बांटने' के कारण संगठन का विरोध बढ़ गया था।
गोडसे के हिंदू महासभा से जुड़े होने की भी बात कही
सोमवार को हुई जिरह के दौरान राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने सत्यकी सावरकर से पूछा कि क्या गोडसे बंधु आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। सत्यकी सावरकर ने जवाब दिया कि यह सच है कि उनके नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उन्होंने यह भी कहा कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा के कार्यकर्ता भी थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि गोपाल गोडसे ने 28 जनवरी 1994 को फ्रंटलाइन पत्रिका को कोई साक्षात्कार दिया था या नाथूराम गोडसे 1944 में आरएसएस के बौद्धिक कार्यवाह के रूप में काम कर रहे थे।
RSS और गांधी हत्या से जुड़े सवालों पर सावरकर के वकील ने आपत्ति जताई
सत्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर ने आरएसएस और गांधी की हत्या से जुड़े सवालों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ये सवाल मामले से संबंधित नहीं हैं। सत्यकी सावरकर ने 2023 में मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने लंदन में दिए एक भाषण में दावा किया था कि वी.डी. सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और इससे उन्हें खुशी हुई थी। शिकायत में कहा गया था कि वी.डी. सावरकर ने ऐसा कुछ नहीं लिखा था।