{"_id":"6a21710650d150667804a09a","slug":"west-bengal-bidhannagar-mayor-krishna-chakraborty-resigns-after-firhad-hakim-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल में सियासी घमासान: फिरहाद के बाद बिधाननगर मेयर कृष्णा का भी इस्तीफा, TMC के हाथ से निकले दोनों निगम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल में सियासी घमासान: फिरहाद के बाद बिधाननगर मेयर कृष्णा का भी इस्तीफा, TMC के हाथ से निकले दोनों निगम
आईएएनएस, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 04 Jun 2026 06:08 PM IST
विज्ञापन
सार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद राज्य के नगर निकायों में इस्तीफों का दौर जारी है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के बाद अब बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी प्रशासनिक असहयोग का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है, जिससे टीएमसी के हाथ से दोनों प्रमुख नगर निगम निकल गए हैं।
कृष्णा चक्रवर्ती ने मेयर पद से दिया इस्तीफा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद, बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार दोपहर को हुए इस घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता और बिधाननगर, दोनों ही महत्वपूर्ण नगर निगमों से अपना नियंत्रण खो दिया है। बिधाननगर नगर निगम कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित है।
निजी कारणों का हवाला, लेकिन दर्द आया सामने
मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार दोपहर बिधाननगर नगर निगम के कमिश्नर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे की एक प्रति राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और विभाग के सचिव को भी भेजी है। दफ्तर से निकलते वक्त कृष्णा ने कहा कि वह विशुद्ध रूप से निजी कारणों से इस्तीफा दे रही हैं। हालांकि, बाद में उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा, 'मैं उस तरह से काम नहीं कर पा रही थी जैसा मैं चाहती थी। बोर्ड की बैठकें नहीं हो रही थीं, पार्षद नहीं आ रहे थे। अधिकारी भी व्यस्त थे। मैं जनता को धोखा नहीं दे सकती।'
यह भी पढ़ें: मिशन 2029: केंद्र सरकार का बड़ा दांव, चुनाव से पहले परिसीमन की तैयारी; क्षेत्रीय दलों से भी मंथन शुरू
विज्ञापन
कृष्णा चक्रवर्ती का कार्यकाल अभी करीब आठ महीने का बचा हुआ था। उन्होंने 2019 से 2022 और फिर 2022 से चार जून 2026 तक दो बार बिधाननगर के मेयर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। भावुक होते हुए कृष्णा ने कहा वह पिछले 16 वर्षों की तरह एक पार्षद के रूप में जनता की सेवा करती रहेंगी।
भाजपा ने साधा निशाना, इस्तीफों की लगी झड़ी
कृष्णा चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। बिधाननगर से भाजपा विधायक और राज्य सरकार में मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने तंज कसते हुए कहा, 'वह पैसों की गद्दी पर बैठी थीं। मुझे बिधाननगर में उनकी 18-19 संपत्तियों के बारे में पता चला है। उनका खुलासा होने से पहले ही वह शर्म के मारे छिप गईं।'
गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद से ही विभिन्न नगर पालिकाओं में टीएमसी जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की बाढ़ आ गई है। इससे पहले हुगली जिले के चंदननगर नगर निगम के मेयर राम चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वहां प्रशासक नियुक्त करना पड़ा था। बुधवार को ही कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने ममता बनर्जी की अनुमति से इस्तीफा दिया था।
निजी कारणों का हवाला, लेकिन दर्द आया सामने
मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार दोपहर बिधाननगर नगर निगम के कमिश्नर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे की एक प्रति राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और विभाग के सचिव को भी भेजी है। दफ्तर से निकलते वक्त कृष्णा ने कहा कि वह विशुद्ध रूप से निजी कारणों से इस्तीफा दे रही हैं। हालांकि, बाद में उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा, 'मैं उस तरह से काम नहीं कर पा रही थी जैसा मैं चाहती थी। बोर्ड की बैठकें नहीं हो रही थीं, पार्षद नहीं आ रहे थे। अधिकारी भी व्यस्त थे। मैं जनता को धोखा नहीं दे सकती।'
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मिशन 2029: केंद्र सरकार का बड़ा दांव, चुनाव से पहले परिसीमन की तैयारी; क्षेत्रीय दलों से भी मंथन शुरू
Trending Videos
कृष्णा चक्रवर्ती का कार्यकाल अभी करीब आठ महीने का बचा हुआ था। उन्होंने 2019 से 2022 और फिर 2022 से चार जून 2026 तक दो बार बिधाननगर के मेयर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। भावुक होते हुए कृष्णा ने कहा वह पिछले 16 वर्षों की तरह एक पार्षद के रूप में जनता की सेवा करती रहेंगी।
भाजपा ने साधा निशाना, इस्तीफों की लगी झड़ी
कृष्णा चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। बिधाननगर से भाजपा विधायक और राज्य सरकार में मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने तंज कसते हुए कहा, 'वह पैसों की गद्दी पर बैठी थीं। मुझे बिधाननगर में उनकी 18-19 संपत्तियों के बारे में पता चला है। उनका खुलासा होने से पहले ही वह शर्म के मारे छिप गईं।'
गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद से ही विभिन्न नगर पालिकाओं में टीएमसी जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की बाढ़ आ गई है। इससे पहले हुगली जिले के चंदननगर नगर निगम के मेयर राम चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वहां प्रशासक नियुक्त करना पड़ा था। बुधवार को ही कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने ममता बनर्जी की अनुमति से इस्तीफा दिया था।