{"_id":"6a21777969b877dcc90b94d6","slug":"withdrawal-of-rival-candidates-vikram-kakade-is-set-to-elected-unopposed-to-mlc-from-pune-mlc-election-update-2026-06-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"MLC Election: पुणे एमएलसी सीट पर विक्रम काकडे का निर्विरोध चुना जाना तय; सभी उम्मीदवारों ने नामांकन लिए वापस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
MLC Election: पुणे एमएलसी सीट पर विक्रम काकडे का निर्विरोध चुना जाना तय; सभी उम्मीदवारों ने नामांकन लिए वापस
पीटीआई, मुंबई
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 04 Jun 2026 06:33 PM IST
विज्ञापन
सार
पुणे विधान परिषद चुनाव में एनसीपी के विक्रम काकडे निर्विरोध चुने जाएंगे। एनसीपी (एसपी) के श्रीकांत पाटिल सहित पांच उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। पाटिल ने अजित पवार से नजदीकी के कारण यह कदम उठाया।
ईवीएम मशीनें
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पुणे से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उम्मीदवार विक्रम काकडे महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने जाने के लिए तैयार हैं। गुरुवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था। इस मौके पर एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार श्रीकांत पाटिल समेत पांच उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी छोड़ दी।
जिला प्रशासन ने बताया कि श्रीकांत पाटिल के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सुनील टिंगरे, तुषार कामठे, प्रदीप कंद और रंजीत जारे ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद विक्रम काकडे ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव निर्विरोध होने के बावजूद वे सभी मतदाताओं तक पहुंचेंगे। वे लोगों के विचार और उनसे जुड़ी उम्मीदों को समझने की कोशिश करेंगे।
क्या बोले श्रीकांत पाटिल?
श्रीकांत पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने शरद पवार से अपनी पार्टी का उम्मीदवार हटाने का अनुरोध किया था। शरद पवार ने इस पर फैसला लेने की पूरी आजादी पाटिल को दी थी। पाटिल ने दावा किया कि अजित पवार से अपनी नजदीकी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चुनाव से हटने का फैसला किया।
विज्ञापन
विक्रम काकडे पूर्व राज्यसभा सदस्य और बड़े व्यवसायी संजय काकडे के बेटे हैं। उन्हें जय और पार्थ पवार का काफी करीबी माना जाता है। एनसीपी ने उन्हें पुणे की इस महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतारा था।
राज्य में स्थानीय निकायों की 16 विधान परिषद सीटों और नागपुर की एक उपचुनाव सीट के लिए 18 जून को मतदान होना है। इन चुनावों के नतीजे 22 जून को आएंगे। स्थानीय निकायों के सदस्य ही इन चुनावों में मतदाता होते हैं। पुणे में उम्मीदवारों के हटने से अब मुकाबला खत्म हो गया है और विक्रम काकडे की जीत तय है।
जिला प्रशासन ने बताया कि श्रीकांत पाटिल के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सुनील टिंगरे, तुषार कामठे, प्रदीप कंद और रंजीत जारे ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद विक्रम काकडे ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव निर्विरोध होने के बावजूद वे सभी मतदाताओं तक पहुंचेंगे। वे लोगों के विचार और उनसे जुड़ी उम्मीदों को समझने की कोशिश करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या बोले श्रीकांत पाटिल?
श्रीकांत पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने शरद पवार से अपनी पार्टी का उम्मीदवार हटाने का अनुरोध किया था। शरद पवार ने इस पर फैसला लेने की पूरी आजादी पाटिल को दी थी। पाटिल ने दावा किया कि अजित पवार से अपनी नजदीकी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चुनाव से हटने का फैसला किया।
Trending Videos
विक्रम काकडे पूर्व राज्यसभा सदस्य और बड़े व्यवसायी संजय काकडे के बेटे हैं। उन्हें जय और पार्थ पवार का काफी करीबी माना जाता है। एनसीपी ने उन्हें पुणे की इस महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतारा था।
राज्य में स्थानीय निकायों की 16 विधान परिषद सीटों और नागपुर की एक उपचुनाव सीट के लिए 18 जून को मतदान होना है। इन चुनावों के नतीजे 22 जून को आएंगे। स्थानीय निकायों के सदस्य ही इन चुनावों में मतदाता होते हैं। पुणे में उम्मीदवारों के हटने से अब मुकाबला खत्म हो गया है और विक्रम काकडे की जीत तय है।
विधान परिषद चुनाव पर सियासी संग्राम, हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए करोड़ों रुपये का लालच दिया जा रहा है। भाजपा चाहती है कि चुनाव निर्विरोध हो जाएं और इसके लिए वह लोकतंत्र की मर्यादाओं को खत्म कर रही है। सपकाल ने विदर्भ के बुलढाणा में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव प्रणाली के बजाय नामांकन प्रणाली चाहती है। सत्ता और पैसे का इस्तेमाल करके विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय बताया। सपकाल ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से चंद्रपुर-गढ़चिरौली-वर्धा, भंडारा-गोंदिया, यवतमाल और अहिल्यानगर के उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। सोलापुर में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया। अब पार्टी नांदेड़, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड और नागपुर उपचुनाव में मैदान में है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पुणे और ठाणे के उम्मीदवारों ने भी नाम वापस ले लिए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों ने रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग और छत्रपति संभाजीनगर-जालना से अपनी दावेदारी छोड़ दी है। विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और 22 जून को नतीजे आएंगे। स्थानीय निकायों के सदस्य इन चुनावों में वोट डालेंगे। विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए करोड़ों रुपये का लालच दिया जा रहा है। भाजपा चाहती है कि चुनाव निर्विरोध हो जाएं और इसके लिए वह लोकतंत्र की मर्यादाओं को खत्म कर रही है। सपकाल ने विदर्भ के बुलढाणा में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव प्रणाली के बजाय नामांकन प्रणाली चाहती है। सत्ता और पैसे का इस्तेमाल करके विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय बताया। सपकाल ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से चंद्रपुर-गढ़चिरौली-वर्धा, भंडारा-गोंदिया, यवतमाल और अहिल्यानगर के उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। सोलापुर में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया। अब पार्टी नांदेड़, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड और नागपुर उपचुनाव में मैदान में है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पुणे और ठाणे के उम्मीदवारों ने भी नाम वापस ले लिए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों ने रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग और छत्रपति संभाजीनगर-जालना से अपनी दावेदारी छोड़ दी है। विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और 22 जून को नतीजे आएंगे। स्थानीय निकायों के सदस्य इन चुनावों में वोट डालेंगे। विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है।