'मेरी सीट से लड़िए उपचुनाव, दूंगा साथ': हुमायूं कबीर ने ममता को दिया प्रस्ताव, बोले-जो भी हूं आपकी वजह से हूं
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। टीएमसी से बगावत करने वाले कबीर ने कहा कि वे ममता की जीत पक्की करेंगे। उन्होंने माना कि वे आज जो भी हैं, ममता की वजह से ही हैं। यह प्रस्ताव टीएमसी में जारी अंदरूनी के संकट के बीच आया है।
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आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को विधानसभा में वापस लाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ममता को मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। यह वही हुमायूं कबीर हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले टीएमसी से अलग होकर ममता सरकार को गिराने की कसम खाई थी। हुमायूं कबीर ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का लक्ष्य राज्य में तृणमूल कांग्रेस को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के मौजूदा कामकाज को देखते हुए उसमें विभाजन होना तय था।
हुमायूं कबीर ने साल 2026 के विधानसभा चुनावों में मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों, नौदा और रेजीनगर से जीत दर्ज की है। चुनाव नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। कबीर ने कहा कि वे रेजीनगर सीट खाली करने के लिए तैयार हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद वहां उपचुनाव होगा, जिसमें ममता बनर्जी चुनाव लड़ सकती हैं।
कबीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी उनके पास आती हैं, तो वे उन्हें रेजीनगर से विधानसभा भेज सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ममता नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो वे वहां से नहीं जीत पाएंगी। लेकिन रेजीनगर में कबीर खुद इस्तीफा देकर उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही हैं। टीएमसी चुनाव हार चुकी है और 28 साल पुरानी इस पार्टी में बड़ी बगावत हो गई है। वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली कर दी है और भवानीपुर सीट अपने पास रखी है। शुभेंदु ने भवानीपुर में ही ममता बनर्जी को मात दी थी।
हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद के एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता माने जाते हैं। पिछले साल पार्टी नेतृत्व से विवाद के बाद उन्हें टीएमसी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और ममता सरकार के सबसे बड़े आलोचक बन गए। वे लगातार सरकार को हटाने की मांग करते रहे थे।
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हालांकि, अब कबीर के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि आज ममता जिस स्थिति में हैं, उसे देखकर उन्हें बहुत दुख होता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे आज जो कुछ भी हैं, ममता बनर्जी की वजह से ही हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ताकत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि आज भले ही कोई ममता की बात न सुनता हो, लेकिन रेजीनगर में हुमायूं कबीर का शब्द ही आखिरी होता है।
यह विभाजन होना ही था-हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का लक्ष्य राज्य में तृणमूल कांग्रेस को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के मौजूदा कामकाज को देखते हुए उसमें विभाजन होना तय था।
हुमायूं कबीर ने कहा, "यह विभाजन होना ही था। मैं पिछले छह महीनों से यह बात कह रहा था।" उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, पार्टी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा अत्याचार किए जा रहे थे।
कबीर ने कहा, विधायक चुनाव का टिकट देने या पार्टी में पद दिलाने के लिए पैसे लिए जा रहे थे। मैंने कई बार इसकी जानकारी ममता बनर्जी को दी, लेकिन उन्होंने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की और सब कुछ अपने भतीजे पर छोड़ दिया। अब जो होना था, वह हो गया।"
उन्होंने आगे कहा, "भाजपा का लक्ष्य पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को खत्म करना है। विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस का 60 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो चुका है। अब भाजपा बाकी 40 प्रतिशत को खत्म करने की योजना बना रही है। वे प्लान-बी पर काम कर रहे हैं और ऋतब्रत बनर्जी उसी प्लान-बी का हिस्सा बन गए हैं।"चाहे ममता बनर्जी हों या ऋतब्रत बनर्जी, कोई नहीं बचेगा। सब कुछ खत्म हो जाएगा।
ममता बनर्जी को नए गुट का सलाहकार बनाए जाने के सवाल पर कबीर ने कहा, ममता बनर्जी इतनी बदकिस्मत नहीं हैं कि जो लोग उनके साथ विश्वासघात कर चुके हैं, उन्हें सलाह दें। ऋतब्रत बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "वह बेईमान और गद्दार हैं। सीपीआई(एम) से निकाले जाने के बावजूद उन्हें तृणमूल कांग्रेस में राज्यसभा सदस्यता और विधायक का टिकट देकर सम्मान दिया गया था। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ऐसे लोगों को सलाह देंगी... वे आखिर सोच क्या रहे हैं?
यह पूछे जाने पर कि यदि ममता बनर्जी उनसे मदद मांगें तो क्या वह सहयोग करेंगे, कबीर ने कहा, व्यक्तिगत स्तर पर यदि कोई मुझे बैठक के लिए बुलाएगा तो मैं जाऊंगा और उनकी बात सुनूंगा। किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है और उनकी पार्टी सभी चुनावों, चाहे निकाय चुनाव हों या संसदीय चुनाव, अकेले लड़ेगी। मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण की अपनी योजना पर कबीर ने कहा, "मस्जिद का निर्माण कार्य जारी है और इसका उद्घाटन वर्ष 2028 में किया जाएगा।"