CAG Report: भाजपा बोली- ममता सरकार में कोविड के लिए मिले ₹659 करोड़ खर्च नहीं करना संगठित अपराध; एक्शन का एलान
बंगाल में सीएजी रिपोर्ट: ममता सरकार के कार्यकाल पर गंभीर सवाल, खुलने लगीं अनियमितताओं की परतें
- 43 ऑक्सीजन संयंत्र बंद पड़े रहे; अम्फान-यास राहत, युवाश्री।
- औद्योगिक जमीन और वित्तीय प्रबंधन भी सवालों के घेरे में।
- भाजपा ने कहा, संगठित अपराध, कड़ी से कड़ी सजा हो।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ दिन पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट रखे जाने के बाद अब उसके निष्कर्षों की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, धन के इस्तेमाल, स्वास्थ्य व्यवस्था, आपदा राहत और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
सीएजी की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, कोविड महामारी के दौरान मार्च 2022 तक राज्य को मिले आवंटन में से 659 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च नहीं किए गए। पीएम केयर्स और कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत मिले 75 ऑक्सीजन संयंत्रों में से दिसंबर 2023 तक 43 चालू नहीं थे। कई अस्पतालों में पीएम केयर्स से मिले वेंटिलेटर और ऑक्सीजन उपकरण भी इस्तेमाल नहीं हुए।
रायगंज मेडिकल कॉलेज में 2020 से 2022 के बीच मिले 17 आईसीयू वेंटिलेटर मार्च 2022 तक चालू नहीं थे।
अम्फान-यास राहत में भी सवाल
अम्फान राहत में 9,226 लाभार्थियों को एक से अधिक बार मकान निर्माण सहायता दिए जाने से 18.07 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख है। यास राहतमें हुगली और पूर्व मेदिनीपुर के 1,779 लाभार्थियों को कथित तौर पर दोबारा सहायता मिलने से 22.83 लाख रुपये के अतिरिक्त खर्च की बात कही गई है।
युवाश्री और जमीन की लीज पर सवाल
रिकपोर्ट में युवाश्री योजना में लाभार्थियों के सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने का उल्लेख है। एक ही व्यक्ति के वर्षों तक भत्ता लेने और अपात्र लाभार्थियों के सूची में बने रहने की आशंका जताई गई है। नदिया के हरिणघाटा में औद्योगिक पार्क की जमीन 99 साल के लिए पट्टे पर देने में जलाशय की जमीन भी शामिल होने से करीब 13 करोड़ रुपये के नुकसान का उल्लेख किया गया है।
वित्तीय प्रबंधन पर भी टिप्पणी
2024-25 में 70,662.25 करोड़ रुपये, यानी 18.09 प्रतिशत बजटीय राशि खर्च नहीं हुई। 13,486.92 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय को विधानसभा की मंजूरी का इंतजार है। सीएजी के अनुसार राज्य का राजस्व घाटा 39,727 करोड़ और राजकोषीय घाटा 61,924 करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल कर्ज करीब 7.35 लाख करोड़ रुपये है।
सीएजी रिपोर्ट में उठे प्रमुख सवाल
- -स्वास्थ्य: 659 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए
- -ऑक्सीजन: 75 में से 43 संयंत्र चालू नहीं
- -अम्फान-यास: दोहराव से अतिरिक्त भुगतान
- -युवाश्री: लाभार्थियों के सत्यापन पर सवाल
- -जमीन: करीब 13 करोड़ रुपये के नुकसान का उल्लेख
- -वित्त: 7.35 लाख करोड़ रुपये का कुल कर्ज
यह संगठित अपराध, कठोर कार्रवाई होनी चाहिएः भाजपा
पश्चिम बेगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, यह एक तरह का संगठित अपराध है। इससे केवल बंगाल के एक व्यक्ति का नहीं बल्कि बंगाल की पांच-पांच पीढ़ियों का नुकसान हुआ है। जो भी इसमें संलिप्त है, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।