{"_id":"6a67e0b3212c950b0f0c8d26","slug":"gen-z-now-mobilizes-against-reservation-instagram-page-crosses-53-million-followers-in-48-hours-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gen-Z: नीट के बाद अब आरक्षण के खिलाफ जेन-जी की मोर्चाबंदी, इंस्टाग्राम पेज पर 48 घंटे में 53 लाख फॉलोअर्स पार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gen-Z: नीट के बाद अब आरक्षण के खिलाफ जेन-जी की मोर्चाबंदी, इंस्टाग्राम पेज पर 48 घंटे में 53 लाख फॉलोअर्स पार
Tue, 28 Jul 2026 04:39 AM IST
प्रशांत तिवारी
हिमांशु अरविंद मिश्र
हिमांशु अरविंद मिश्र
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 28 Jul 2026 04:39 AM IST
सार
नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद अब सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर नई बहस तेज हो गई है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुए 'आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA)' पेज ने 48 घंटे में 53 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। संगठन इसे डिजिटल अभियान से आगे बढ़ाकर जंतर-मंतर तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन के बाद अब जेन-जी ने आरक्षण के मुद्दे पर मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। इसके लिए इंस्टाग्राम पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA)' नाम से एक पेज भी बनाया गया है। महज 48 घंटे में इससे 53 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। यानी औसतन हर घंटे 93,750 नए फॉलोअर्स जुड़े। यही रफ्तार रही तो अगले दो दिनों में यह आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है।
विज्ञापन
आखिर किसने शुरू किया 'आरक्षण हटाओ आंदोलन'?
'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नाम से यह पेज वेदांश त्यागी नाम के यूजर ने शुरू किया है, जो पोर्टफोलियो मैनेजर हैं और स्टॉक मार्केट में निवेश के तरीके बताते हैं। संगठन ने अपनी वेबसाइट, ऑनलाइन सदस्यता और डिजिटल नेटवर्किंग के जरिए अभियान को अगले चरण में ले जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। आंदोलन से जुड़े लोग जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की योजना भी बता रहे हैं। इस पेज पर आए कई कमेंट्स में अलग-अलग राज्यों के युवा खुद को सामान्य वर्ग, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य वर्ग का बताते हुए अपनी-अपनी राय रखते दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
आंदोलन की प्रमुख मांगें क्या हैं?
जाति आधारित आरक्षण खत्म हो।
शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मेरिट आधारित चयन हो।
विद्यार्थियों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
सरकारी फॉर्म और प्रक्रियाओं में जाति आधारित पहचान की भूमिका कम हो।
समान अवसर और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए।
क्या आरक्षण समर्थक भी दे रहे हैं अपनी प्रतिक्रिया?
ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर आंदोलन: सिर्फ सरकारी FIR ही होंगी वापस, निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज मामलों में जारी रहेगी कार्रवाई
विज्ञापन
आरक्षण के समर्थन में भी बनाए गए पेज
इस पेज पर आरक्षण के पक्ष में खड़े रहने वाले लोग भी लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि आरक्षण खत्म करने से पहले समाज से जाति व्यवस्था खत्म की जानी चाहिए। वहीं, आरक्षण के समर्थन में भी सोशल मीडिया पर कई नए पेज बनाए गए हैं।