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28 करोड़ कैश, 15 किलो सोना: गिनते-गिनते हांफ गई मशीनें; कौन है बीरभूम का धन कुबेर तुलु मंडल?
Thu, 30 Jul 2026 03:31 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 30 Jul 2026 03:31 PM IST
सार
बीरभूम के देउचा गांव में हुई इस ऐतिहासिक छापेमारी ने राज्य में अवैध खनन और काले धन के गठजोड़ की पोल खोलकर रख दी है। फरार कारोबारी के रिश्तेदार के ठिकाने से करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का नकद और सोना बरामद होना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी थीं। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां धन के वास्तविक स्रोत तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही हैं।
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बीरभूम छापेमारी
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल के मैनेजर और बहनोई मीनार मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया गया है। पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके घर को सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह राज्य में अब तक की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस के मुताबिक, घर में रखी लोहे की बड़ी पेटियों से 28.5 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा 14 किलो की 14 सोने की छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्कुट बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 15 किलो सोना मिला है, जिसकी कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। मीनार मंडल के बेटे को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
नोट गिनने के लिए बुलानी पड़ीं मशीनें
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के कारण पुलिस को नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ीं। बुधवार शाम तक करीब 20 करोड़ रुपये की गिनती पूरी हो चुकी थी। बाद में नकदी और सोने को सीलबंद बक्सों में रखकर मोहम्मद बाजार थाने ले जाया गया, जहां से उन्हें बैंक में जमा कराया जाएगा।
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अवैध खनन की कमाई होने का शक
जांच एजेंसियों को संदेह है कि बरामद नकदी और सोना पत्थर खदानों तथा अवैध खनन से हुई कमाई का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस रकम के स्रोत और इससे जुड़े लोगों की जांच कर रही है। इसी मामले में फरार कारोबारी तुलु मंडल के ठिकानों पर भी केंद्रीय बलों के साथ छापेमारी जारी है।
यह भी पढ़ें: आपकी पसंदीदा चाप मिलावटी तो नहीं?: 90 फीसदी तक मैदा; सेहत के नाम पर हो रहा खेल; जांच में चौंकाने वाला खुलासा
कौन है तुलु मंडल?
तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन बीरभूम में पत्थर खनन कारोबार का बड़ा नाम माना जाता है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। इससे पहले अगस्त 2022 में मवेशी तस्करी मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने उसके ठिकानों पर छापा मारा था। नवंबर 2022 में ईडी ने भी उसे पूछताछ के लिए तलब किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कथित सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था और इसकी कमान तुलु मंडल के हाथों में होने की जांच की जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम और सोना किस कारोबार या नेटवर्क से जुड़ा था और इसे मीनार मंडल के घर तक कैसे पहुंचाया गया।
परिवार ने क्या कहा?
गिरफ्तार मीनार मंडल की पत्नी का कहना है कि उन्हें इन पेटियों में क्या रखा था, इसकी जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, तुलु मंडल कुछ साल पहले यह कहकर पेटियां घर में रख गया था कि इनमें जरूरी कागजात हैं और उनकी चाबी भी उसी के पास थी।
बीरभूम का पत्थर खनन क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन, राजस्व चोरी और माफिया नेटवर्क के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई और ईडी भी इससे जुड़े कई मामलों की जांच कर चुकी हैं। अब करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस धन का असली स्रोत क्या है और इस नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
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छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस के मुताबिक, घर में रखी लोहे की बड़ी पेटियों से 28.5 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा 14 किलो की 14 सोने की छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्कुट बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 15 किलो सोना मिला है, जिसकी कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। मीनार मंडल के बेटे को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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नोट गिनने के लिए बुलानी पड़ीं मशीनें
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के कारण पुलिस को नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ीं। बुधवार शाम तक करीब 20 करोड़ रुपये की गिनती पूरी हो चुकी थी। बाद में नकदी और सोने को सीलबंद बक्सों में रखकर मोहम्मद बाजार थाने ले जाया गया, जहां से उन्हें बैंक में जमा कराया जाएगा।
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अवैध खनन की कमाई होने का शक
जांच एजेंसियों को संदेह है कि बरामद नकदी और सोना पत्थर खदानों तथा अवैध खनन से हुई कमाई का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस रकम के स्रोत और इससे जुड़े लोगों की जांच कर रही है। इसी मामले में फरार कारोबारी तुलु मंडल के ठिकानों पर भी केंद्रीय बलों के साथ छापेमारी जारी है।
यह भी पढ़ें: आपकी पसंदीदा चाप मिलावटी तो नहीं?: 90 फीसदी तक मैदा; सेहत के नाम पर हो रहा खेल; जांच में चौंकाने वाला खुलासा
कौन है तुलु मंडल?
तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन बीरभूम में पत्थर खनन कारोबार का बड़ा नाम माना जाता है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। इससे पहले अगस्त 2022 में मवेशी तस्करी मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने उसके ठिकानों पर छापा मारा था। नवंबर 2022 में ईडी ने भी उसे पूछताछ के लिए तलब किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कथित सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था और इसकी कमान तुलु मंडल के हाथों में होने की जांच की जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम और सोना किस कारोबार या नेटवर्क से जुड़ा था और इसे मीनार मंडल के घर तक कैसे पहुंचाया गया।
परिवार ने क्या कहा?
गिरफ्तार मीनार मंडल की पत्नी का कहना है कि उन्हें इन पेटियों में क्या रखा था, इसकी जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, तुलु मंडल कुछ साल पहले यह कहकर पेटियां घर में रख गया था कि इनमें जरूरी कागजात हैं और उनकी चाबी भी उसी के पास थी।
बीरभूम का पत्थर खनन क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन, राजस्व चोरी और माफिया नेटवर्क के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई और ईडी भी इससे जुड़े कई मामलों की जांच कर चुकी हैं। अब करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस धन का असली स्रोत क्या है और इस नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।