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West Bengal: टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंकने से गरमाई बंगाल की सियासत, कुणाल घोष बोले- ‘सरकार और पुलिस जिम्मेदार’

Sun, 16 Aug 2026 02:38 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 16 Aug 2026 02:38 PM IST
सार

टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने के मामले को लेकर विधायक कुणाल घोष ने सरकार और पुलिस पर अदालत के निर्देशों को लागू नहीं करने का आरोप लगाया है। इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 1946 की ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए इसे शहर के इतिहास का काला अध्याय बताया।

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West Bengal politics heats after eggs thrown at TMC leaders Kunal Ghosh says Government and police responsible
कुणाल घोष - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बंगाल में टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि अगर अदालत ने पार्टी नेताओं पर अंडे फेंकने पर रोक लगाई है, तो उस आदेश को लागू कराना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। घोष की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन और नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

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‘कोर्ट के आदेश को लागू करना सरकार और पुलिस का काम’
कुणाल घोष ने कहा, 'अगर कोर्ट ने TMC नेताओं पर अंडे फेंकने पर रोक लगाई है, तो इसे लागू करना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके बजाय, वे ऐसा होने दे रहे हैं।'उनके बयान के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और अदालत के निर्देशों के पालन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं। TMC नेता ने सीधे तौर पर सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी तरह की रोक लगाई गई है, तो उसे जमीन पर लागू करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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1946 की ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ को किया याद
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को 1946 की ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस सांप्रदायिक हिंसा को कोलकाता के इतिहास का एक 'काला और दुखद अध्याय' बताया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अधिकारी ने कहा कि 16 अगस्त 1946 को कोलकाता हिंसा और खून-खराबे की खाई में डूब गया था। इस दिन को ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ और ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के नाम से याद किया जाता है।
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‘हजारों बेगुनाह लोगों ने गंवाई जान’
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उस हिंसा के दौरान हजारों बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जो उन “विनाशकारी दिनों” में मारे गए थे। उन्होंने कहा कि उनके दुख और हुए नुकसान की भयावहता को कभी नहीं भूलना चाहिए। अधिकारी ने लोगों से अतीत की गलतियों से सीख लेने की अपील की, ताकि मानवता का ऐसा 'भयानक पतन' दोबारा न हो।


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‘तुष्टिकरण की राजनीति’ पर भी साधा निशाना
सुवेंदु अधिकारी ने अपने संदेश में ऐसी हिंसा को बढ़ावा देने वाले कारकों के तौर पर 'तुष्टिकरण की राजनीति' की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इतिहास की त्रासद घटनाओं को याद रखने का उद्देश्य केवल अतीत को दोहराना नहीं, बल्कि उनसे सबक लेकर भविष्य में ऐसी हिंसा को रोकना होना चाहिए। इस बीच, टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंकने के मुद्दे को लेकर कुणाल घोष का बयान राज्य की मौजूदा राजनीतिक तनातनी को और उजागर करता है।

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