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West Bengal SIR: 6,581 मामलों का निपटारा, ट्रिब्यूनल ने 61% से ज्यादा के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के दिए आदेश

पीटीआई, कोलकाता Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 22 May 2026 04:14 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में एसआईआर से संबंधित लिए गए फैसलों के खिलाफ करीब 25 लाख लोगों ने अपील की थी। लेकिन मामलों का निपटारे के आकड़े बेहद कम हैं। वहीं,  ट्रिब्यूनल ने 61% से ज्यादा के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर 

West Bengal SIR: 6,581 cases settled, tribunal orders inclusion of more than 61% of names in voter list
पश्चिम बंगाल एसआईआर से जुड़े 6,581 मामलों पर सुनवाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन के दौरान लिए गए फैसलों के खिलाफ करीब 25 लाख लोगों ने अपील की थी। लेकिन अब तक इनमें से सिर्फ 6,581 मामलों का ही निपटारा हो पाया है। यानी की कुल अपीलों में से केवल 0.26 प्रतिशत मामलों पर ही फैसला हुआ है। 



1,200 से अधिक मामलों की स्थिति साफ नही
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 14 मई तक 19 न्यायाधिकरणों में से 12 की ओर से तय किए गए मामलों में से 4,043 अपीलें स्वीकार की गईं। इसका अर्थ है कि कि निपटाए गए मामलों में से लगभग 61.5 प्रतिशत के नाम मतदाता सूची में वापस आ गए। वहीं, 1,267 अपीलें खारिज कर दी गईं। वहीं, निपटाए गए मामलों में से बचे 1,200 से अधिक मामलों की स्थिति आंकड़ों से तुरंत स्पष्ट नहीं हो सकी।

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दोनों जिलों में 51,000 से अधिक अपीलें लंबित
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर 20 मार्च को पुनरीक्षण शिकायतों के लिए न्यायाधिकरण गठित किए गए। कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण में मिलाकर 1,777 मामलों का निपटारा हुआ, जो अब तक तय किए गए कुल मामलों का लगभग 27 प्रतिशत है। दोनों चुनावी जिलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधिकरण की अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम कर रहे थे, जिन्होंने 7 मई को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। दोनों जिलों में 51,000 से अधिक अपीलें लंबित हैं।

मुर्शिदाबाद में 112 का निपटारा किया गया
मुर्शिदाबाद और मालदा, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में अपीलें और नाम हटाए गए थे, वहां तुलनात्मक रूप से कम निपटान आंकड़े दर्ज किए गए। मुर्शिदाबाद में दायर 6.29 लाख से अधिक अपीलों में से 112 का निपटारा किया गया, जबकि मालदा में 5.26 लाख से अधिक याचिकाओं के मुकाबले 185 का निपटारा दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सुनवाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की गई। 

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उन्होंने बताया कि निपटाए गए अपीलों की संख्या बढ़कर लगभग 10,000 हो गई है, हालांकि नया आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अपील प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करती है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।' चुनाव आयोग के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूचियों की सत्यनिष्ठा में सुधार लाने के उद्देश्य से यह संशोधन प्रक्रिया की गई थी।

अधिकारी ने कहा, 'मतदाताओं की सूची में विसंगतियों को दूर करने और अधिक सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन संशोधन किया गया था।' सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को मतदाता सूची तैयार करने को लेकर चुनाव आयोग और तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार के बीच विश्वास की कमी को देखते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप का निर्देश दिया था।

 

 

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