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TMC में कलह बढ़ी: काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र, अपनी ही पार्टी के नेता कल्याण बनर्जी की शिकायत की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 28 May 2026 10:31 AM IST
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सार
बंगाल में सत्ता गंवाते ही टीएमसी के भीतर की कलह उभरकर सामने आ गई है। कई टीएमसी नेताओं ने खुद को पार्टी की बैठकों से दूर कर लिया है। वहीं पार्टी की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के ही वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला...
काकोली घोष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के बाद से ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में कलह की खबरें सामने आ रही हैं। अब यह कलह सार्वजनिक हो गई है। दरअसल टीएमसी नेता काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत की गई है। पत्र में काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से अपनी पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है।
पत्र में काकोली घोष ने क्या लिखा है?
28 मई 2026 को लिखे गए पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। काकोली घोष ने दावा किया कि कल्याण बनर्जी का उनके खिलाफ ही नहीं बल्कि अन्य महिला सांसदों के प्रति भी व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा है। काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है और औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही काकोली घोष ने उचित कार्रवाई के बाद सजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
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पत्र में काकोली घोष ने क्या लिखा है?
28 मई 2026 को लिखे गए पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। काकोली घोष ने दावा किया कि कल्याण बनर्जी का उनके खिलाफ ही नहीं बल्कि अन्य महिला सांसदों के प्रति भी व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा है। काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है और औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही काकोली घोष ने उचित कार्रवाई के बाद सजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
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काकोली घोष दस्तीदार
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद से नाराज हैं काकोली घोष
तृणमूल कांग्रेस की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया हैं। इसके एक दिन बाद ही उनका लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता की शिकायत की, जो दिखा रहा है कि टीएमसी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। काकोली घोष दस्तीदार को हाल ही में टीएमसी के लोकसभा सचेतक पद से हटाया गया है। काकोली की जगह कल्याण बनर्जी को ही लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है इसके बाद से ही काकोली घोष पार्टी और कल्याण बनर्जी के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ रही हैं। वह बंगाल और वहां के लोगों के हित में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी। दस्तीदार ने टीएमसी में आईपीएसी (I-PAC) के बढ़ते प्रभाव और पार्टी के भीतर पनप रही अलोकतांत्रिक व अपारदर्शी कार्यशैली की भी आलोचना की।
कल्याण बनर्जी ने कसा तंज
सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं। इन अटकलों को लोकसभा में पार्टी के नए चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक पोस्ट ने और हवा दी है। कल्याण बनर्जी ने लिखा था, 'आपकी आगे की यात्रा सुगम और आरामदायक हो। आपको और आपके परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं।' उन्होंने लिखा, 'शायद अब आखिरकार आपके आस-पास के सभी दाग और विवाद धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, यह नया अध्याय वहां सफल हो जहां पिछले सभी स्पष्टीकरण विफल रहे।'
काकोली घोष बनाम कल्याण बनर्जी मुद्दे पर क्या बोली भाजपा?
टीएमसी सांसद काकोली घोष द्वारा लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी की शिकायत करने के मामले पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, 'यह काकोली घोष का निजी मामला है और उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। हम इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। हमारा फोकस बंगाल के विकास पर है। हमें टीएमसी के अंदरूनी मामलों में दखल देने में कोई रुचि नहीं है।'
तृणमूल कांग्रेस की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया हैं। इसके एक दिन बाद ही उनका लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता की शिकायत की, जो दिखा रहा है कि टीएमसी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। काकोली घोष दस्तीदार को हाल ही में टीएमसी के लोकसभा सचेतक पद से हटाया गया है। काकोली की जगह कल्याण बनर्जी को ही लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है इसके बाद से ही काकोली घोष पार्टी और कल्याण बनर्जी के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ रही हैं। वह बंगाल और वहां के लोगों के हित में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी। दस्तीदार ने टीएमसी में आईपीएसी (I-PAC) के बढ़ते प्रभाव और पार्टी के भीतर पनप रही अलोकतांत्रिक व अपारदर्शी कार्यशैली की भी आलोचना की।
कल्याण बनर्जी ने कसा तंज
सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं। इन अटकलों को लोकसभा में पार्टी के नए चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक पोस्ट ने और हवा दी है। कल्याण बनर्जी ने लिखा था, 'आपकी आगे की यात्रा सुगम और आरामदायक हो। आपको और आपके परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं।' उन्होंने लिखा, 'शायद अब आखिरकार आपके आस-पास के सभी दाग और विवाद धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, यह नया अध्याय वहां सफल हो जहां पिछले सभी स्पष्टीकरण विफल रहे।'
काकोली घोष बनाम कल्याण बनर्जी मुद्दे पर क्या बोली भाजपा?
टीएमसी सांसद काकोली घोष द्वारा लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी की शिकायत करने के मामले पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, 'यह काकोली घोष का निजी मामला है और उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। हम इसे लेकर चिंतित नहीं हैं। हमारा फोकस बंगाल के विकास पर है। हमें टीएमसी के अंदरूनी मामलों में दखल देने में कोई रुचि नहीं है।'